- Home
- News
- Bird Formation: आसमान में पक्षी 'V' शेप में क्यों उड़ते हैं? इसके पीछे छिपा है कमाल का साइंस!
Bird Formation: आसमान में पक्षी 'V' शेप में क्यों उड़ते हैं? इसके पीछे छिपा है कमाल का साइंस!
क्या पक्षी भी एयरोडायनेमिक्स के नियम जानते हैं? वैज्ञानिक तो 'हां' कहते हैं। इसका सबसे बड़ा सबूत है आसमान में 'V' शेप बनाकर उड़ते पक्षियों का झुंड। चलिए जानते हैं इसके पीछे की साइंस।
15

Image Credit : Gemini AI
पक्षी 'V' आकार में क्यों उड़ते हैं?
आपने आसमान में पक्षियों के झुंड को उड़ते देखा होगा। वे एक खास पैटर्न में उड़ते हैं, जो अक्सर अंग्रेजी के 'V' अक्षर जैसा दिखता है। यह खूबसूरत नजारा सिर्फ अनुशासन नहीं, बल्कि इसके पीछे एक कमाल का वैज्ञानिक राज (Science) छिपा है। खासकर हजारों किलोमीटर का सफर करने वाले प्रवासी पक्षी इसी फॉर्मेशन को क्यों चुनते हैं... आइए जानते हैं।
Add Asianetnews Hindi as a Preferred Source

25
Image Credit : Gemini AI
‘एयरोडायनेमिक्स’ का कमाल!
प्रवासी पक्षी हवा के दबाव को कम करने के लिए 'V' शेप में उड़ते हैं। वे हवा को चीरकर तेजी से आगे बढ़ने के लिए 'एयरोडायनेमिक्स' का पालन करते हैं। झुंड में सबसे आगे उड़ने वाला लीडर पक्षी हवा को काटता है और बाकी पक्षियों के लिए मेहनत कम कर देता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि इसी साइंस की वजह से पक्षी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पाते हैं। आगे वाला पक्षी जब पंख फड़फड़ाता है, तो उसके पंखों के सिरों से हवा ऊपर उठती है, जिसे 'अपवॉश' (Upwash) कहते हैं। पीछे वाला पक्षी इसी 'अपवॉश' में खुद को सेट कर लेता है, जिससे उसे उड़ने में कम ताकत लगानी पड़ती है।
35
Image Credit : Pixabay
पक्षियों की एनर्जी बचाने का सीक्रेट
वैज्ञानिकों की रिसर्च के मुताबिक, अकेले उड़ने की तुलना में 'V' शेप में उड़ने से पक्षी करीब 70% तक एनर्जी बचा लेते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस फॉर्मेशन में उड़ते समय पक्षियों के दिल की धड़कन (Heart rate) भी काफी कम रहती है। वे कम पंख फड़फड़ाते हैं और हवा में तैरते हुए (Gliding) आगे बढ़ते हैं, जिससे शरीर पर बोझ कम पड़ता है। इसीलिए उनकी हार्ट रेट कम हो जाती है।
45
Image Credit : Pixabay
पक्षियों का टीमवर्क है लाजवाब
'V' शेप में सबसे आगे वाले पक्षी पर हवा का दबाव सबसे ज्यादा होता है, इसलिए वह जल्दी थक जाता है। जैसे ही लीडर पक्षी थकता है, वह पीछे चला जाता है और उसकी जगह कोई दूसरा मजबूत पक्षी ले लेता है। इस तरह झुंड के सभी पक्षी बारी-बारी से लीडर की भूमिका निभाते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं। यह बिना किसी स्वार्थ के असली टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण है।
55
Image Credit : Pixabay
पक्षियों का कम्युनिकेशन और सपोर्ट सिस्टम
'V' शेप में उड़ने से हर पक्षी अपने आगे वाले पक्षी को साफ-साफ देख पाता है, इसलिए कोई रास्ता नहीं भटकता। अगर कोई पक्षी थकान या चोट की वजह से नीचे गिर जाता है, तो उसकी मदद के लिए दो-तीन और पक्षी भी नीचे उतरते हैं। वे उसके ठीक होने तक उसकी रक्षा करते हैं और फिर किसी दूसरे झुंड के साथ उड़ जाते हैं। प्रकृति के इस इंजीनियरिंग सबक का इस्तेमाल आज मिलिट्री फाइटर जेट्स भी ईंधन बचाने के लिए करते हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।
Latest Videos