Jahangir Khan TMC: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने वोटिंग से पहले चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ डायलॉग से वायरल हुए नेता के फैसले ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
Jahangir Khan Withdraws from Falta Bypoll: पश्चिम बंगाल की राजनीति में फाल्टा विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनावी मैदान से हटने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है। जिस नेता ने कुछ दिन पहले फिल्म ‘पुष्पा’ का मशहूर डायलॉग बोलकर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी थीं, उसी नेता के अचानक पीछे हटने से अब विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। फाल्टा सीट पर पहले से ही चुनावी धांधली और ईवीएम विवाद को लेकर माहौल गर्म था। ऐसे में टीएमसी उम्मीदवार का नाम वापस लेना राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है।

‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ से अचानक पीछे हटने तक
जहांगीर खान चुनाव प्रचार के दौरान अपने बयान को लेकर काफी चर्चा में आए थे। उन्होंने मंच से फिल्म ‘पुष्पा’ का लोकप्रिय डायलॉग “पुष्पा झुकेगा नहीं साला” बोलते हुए खुद को मजबूत उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। लेकिन अब वोटिंग से महज दो दिन पहले चुनाव लड़ने से इनकार करने के फैसले ने लोगों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार सवाल उठा रहे हैं कि जो नेता खुद को “न झुकने वाला” बता रहे थे, उन्होंने अचानक चुनावी मैदान क्यों छोड़ दिया।
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शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद बढ़ी सियासत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा था कि “पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।” इसके बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। माना जा रहा है कि बढ़ते राजनीतिक दबाव और कानूनी मामलों के चलते जहांगीर खान ने यह फैसला लिया। हालांकि टीएमसी की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हाई कोर्ट पहुंचे थे जहांगीर खान
जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान ने कोलकाता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि रोज नए केस दर्ज किए जा रहे हैं और यह राजनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकता है। साथ ही मांग की गई थी कि दर्ज एफआईआर की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
फाल्टा सीट पर क्यों हो रही दोबारा वोटिंग?
फाल्टा विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान मतदान हुआ था। लेकिन कई बूथों पर ईवीएम से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। आरोप था कि भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के पास लगे बटन पर सफेद टेप चिपका दिया गया था। इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया। विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया गया। अब इस सीट पर 21 मई को फिर से वोटिंग होगी, जबकि नतीजों की घोषणा 24 मई को की जाएगी।
TMC के लिए क्यों अहम है यह मामला?
फाल्टा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार का पीछे हटना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। ऐसे समय में जब राज्य की राजनीति पहले से तनावपूर्ण माहौल में है, इस घटनाक्रम ने विपक्ष को सरकार पर हमले का नया मुद्दा दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल की व्यापक राजनीतिक रणनीति और चुनावी माहौल पर भी असर डाल सकता है।
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