पश्चिम बंगाल में TMC को दोहरा झटका लगा है। मालदा के यूथ TMC अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हो गए। वहीं, दक्षिण दिनाजपुर की हिली पंचायत समिति में अध्यक्ष समेत 6 सदस्यों के इस्तीफे से TMC ने बहुमत खो दिया है।

मालदा: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के अंदर कलह और तेज हो गई है। इसी बीच, मालदा जिले के यूथ तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष प्रसेनजित दास ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। उन्होंने कांग्रेस के सीनियर नेता ईशा खान चौधरी और मौसम नूर की मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की सदस्यता ली।

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बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही TMC के अंदर बगावत के सुर उठ रहे थे। पार्टी नेतृत्व के फैसलों से नाराजगी और अंदरूनी कलह की वजह से प्रसेनजित दास ने यह कदम उठाया। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनका कांग्रेस में जाना मालदा जिले में TMC के लिए एक बड़ा झटका है। ईशा खान चौधरी और मौसम नूर ने उनका पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि प्रसेनजित के आने से मालदा और आसपास के इलाकों में कांग्रेस को नई मजबूती मिलेगी।

दूसरी तरफ, दक्षिण दिनाजपुर जिले की हिली पंचायत समिति में भी TMC को बड़ी बगावत का सामना करना पड़ा है। यहां पंचायत समिति की अध्यक्ष (सभापति) और TMC नेता सरस्वती सरकार मंडल के साथ पांच और सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इस सामूहिक इस्तीफे के बाद TMC के हाथ से पंचायत समिति की सत्ता छिन गई है और वहां संकट खड़ा हो गया है।

हिली पंचायत समिति में कुल 14 सीटें हैं। 2023 के पंचायत चुनाव में TMC ने 11 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। बीजेपी को 2 और CPI(M) को 1 सीट मिली थी। अब TMC के 11 में से 6 सदस्यों के एक साथ इस्तीफा देने के बाद पार्टी बहुमत का आंकड़ा खो चुकी है। समिति में 5 TMC सदस्य अभी भी बने हुए हैं, लेकिन अब सरकार का बने रहना मुश्किल है।