बिहार के राजगीर में कर्नाटक के एक परिवार के 4 सदस्य धर्मशाला में लटके मिले। 30 जनवरी को आए इस परिवार का कमरा 3 दिन से बंद था। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच हेतु एक SIT का गठन किया है।

नालंदा: तुमकुरू जिले के गुब्बी तालुक के एक ही परिवार के चार लोग शुक्रवार को बिहार के नालंदा जिले के राजगीर की एक धर्मशाला में लटके हुए पाए गए। मृतकों की पहचान मां जी.आर. सुमंगला (78), बेटे जी.आर. नागप्रसाद (50) और उनकी दो बेटियों जी.आर. शिल्पा (48) और जी.आर. श्रुता (43) के रूप में हुई है। पता चला है कि सुमंगला, रत्नबाला राजू की पत्नी थीं। मृतकों के मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड समेत कई दस्तावेज़, ₹1,18,000 कैश और बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां बरामद की गई हैं।

आखिर हुआ क्या था?

राजगीर बौद्ध और जैन धर्म के लोगों के लिए एक बहुत ही पवित्र तीर्थ स्थल है। ये चारों नेपाल घूमने के बाद 30 जनवरी को राजगीर आए थे और एक कमरा बुक किया था। उनकी आगे नालंदा के पावापुरी जाने की योजना थी। शुक्रवार सुबह करीब 9:40 बजे कमरे से बदबू आने पर धर्मशाला के मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का मंजर देख हर कोई शॉक्ड था। रूम में परिवार के चारों सदस्यों के शव लटके हुए मिले। बताया जा रहा है कि उन्होंने 3 दिन से कमरे का दरवाजा नहीं खोला था। मृतकों से मिले दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि वे तुमकुरू के रहने वाले थे।

कर्नाटक पुलिस से संपर्क

राजगीर पुलिस ने बताया, ‘हमने कर्नाटक पुलिस से संपर्क किया है। गुब्बी पुलिस की मदद से मृतकों के परिवार को जानकारी दे दी गई है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नालंदा जिले के बिहार शरीफ के सदर अस्पताल भेजा गया है। एक मेडिकल बोर्ड वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम करेगा।’ मामले की हर एंगल से जांच के लिए नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस सिलसिले में दो सदस्यों की एक टीम को कर्नाटक के गुब्बी भेजा गया है।