Ujjain Shahi Masjid Demolition : उज्जैन में शाही मस्जिद का विवाद इतना बढ़ गया कि 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात करने पड़े। कुछ उपद्रियों ने पथराव किए तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वहीं शहर काजी खलीकुर्रहमान ने बताया कि मसला रात में ही सुलझ गया था, मुसलमान खुद सरकार के साथ हैं। तो सवाल यह है कि फिर कौन यह पत्थरबाजी और महौल बिगाड़ रहा है?
उज्जैन (मध्य प्रदेश) : उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच शहर काजी खलीकुर्रहमान ने सोमवार को मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे बिना वजह बाजारों में इकट्ठा न हों और उस तरफ जाने से बचें। शहर काजी ने अपने बयान में लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपने घरों के अंदर ही रहने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि मस्जिद से जुड़ा मसला रात में ही सुलझा लिया गया था।
मस्जिद का मसला रात में हल फिर पत्थर किसने फेंके
- काजी ने कहा, "समुदाय के लोगों को बताया जाता है कि वे बाजारों में बेवजह न खड़े हों और न ही उधर जाएं। मस्जिद का मसला रात में ही हल हो गया था। अब ऐसी कोई बात नहीं है जिसके लिए किसी को बाहर आना पड़े।"
- खलीकुर्रहमान ने आगे कहा, "जिस काम को लेकर सहमति बनी थी, उसे पूरा किया जा रहा है। संबंधित लोग अपना काम कर रहे हैं। इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अफवाहों के चक्कर में घरों से बाहर न निकलें। शांति बनाए रखें और अपने घरों में ही रहें।"
पुलिस को क्यों दागने पड़े आंसू गैस के गोले
- इससे पहले सोमवार को उज्जैन में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। दरअसल, सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने का प्रस्ताव है। इसी को लेकर विरोध प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं सामने आईं।
- मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी तैनात हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। सुरक्षा के लिए 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। एसपी प्रदीप शर्मा खुद मौके पर मौजूद हैं। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पूरे उज्जैन शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
- एसपी प्रदीप शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि पुलिस को ऐसे हालात का पहले से अंदाजा था। इसलिए पथराव और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
खुद मुस्लिम समाज शाही मस्जिद को हटाने में जुटी
एसपी शर्मा ने कहा, "समाज के सभी वर्ग और समुदाय लगातार अपना सहयोग दे रहे हैं। आज भी शाही मस्जिद में हटाने का काम चल रहा है, जिसे खुद मस्जिद कमेटी ने शुरू किया है। एहतियात के तौर पर हमने पूरी सुरक्षा घेराबंदी कर दी है और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है। मुस्लिम समुदाय के नेता भी वीडियो मैसेज जारी कर शांति की अपील कर रहे हैं। अब हालात पूरी तरह से काबू में हैं। मस्जिद कमेटी अपना काम लगातार कर रही है।"
क्या है पूरा मामला
बता दें कि सड़क चौड़ीकरण के काम के तहत समुदाय के लोगों ने ही शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाया था। लेकिन इस बात को लेकर कुछ अन्य गुटों में मतभेद पैदा हो गए। ग्राउंड जीरो पर प्रदर्शनकारी गलियों से आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखे। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं को आगे कर दिया गया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी फेंके गए।


