Britain Water Shortage: ब्रिटेन में पानी की किल्लत के बीच एक अनोखा कैंपेन शुरू हुआ है। £270,000 के इस अभियान में दक्षिण एशियाई समुदाय को चावल सिर्फ दो बार धोने और मुसलमानों को वज़ू में कम पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

UK Water Saving Campaign: ब्रिटेन में पानी के संकट से निपटने के लिए एक необыदा अभियान शुरू किया गया है, जो सीधे तौर पर दक्षिण एशियाई समुदाय की आदतों पर केंद्रित है। इस कैंपेन पर £270,000 (लगभग 2.8 करोड़ रुपये) खर्च किए जा रहे हैं। इसका मुख्य मकसद लोगों को पानी की बचत के लिए जागरूक करना है, लेकिन इसका तरीका काफी दिलचस्प है।

इस अभियान के तहत दक्षिण एशियाई लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी कुछ दैनिक आदतों में बदलाव लाएं। इनमें से एक सलाह खाना पकाने से जुड़ी है, तो दूसरी धार्मिक क्रिया से। ये अपने आप में दिखाता है कि इंग्लैंड में पानी की समस्या कितनी गंभीर हो गई है।

क्या हैं कैंपेन के खास निर्देश?

इस अभियान में दो मुख्य सलाहें दी गई हैं जो सीधे तौर पर दक्षिण एशियाई समुदाय से जुड़ी हैं। पहली सलाह चावल धोने को लेकर है। कैंपेन में कहा गया है कि चावल पकाने से पहले उसे कई बार धोने के बजाय सिर्फ दो बार धोना ही काफी है।

आम तौर पर दक्षिण एशियाई घरों में चावल को अच्छी तरह साफ करने के लिए कई बार पानी से धोया जाता है। लेकिन अब पानी की कमी को देखते हुए इस आदत को बदलने के लिए कहा जा रहा है। यह सलाह सीधे तौर पर किचन में पानी की खपत कम करने के इरादे से दी गई है।

दूसरी सलाह विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए है। उनसे कहा गया है कि वे नमाज़ से पहले की जाने वाली शुद्धि की प्रक्रिया, यानी 'वज़ू' के दौरान पानी का इस्तेमाल कम से कम करें। इसका मकसद धार्मिक क्रियाओं के दौरान होने वाली पानी की बर्बादी को रोकना है।

क्यों पड़ी इसकी ज़रूरत?

यह पूरा अभियान इंग्लैंड में चल रहे पानी के गंभीर संकट की वजह से शुरू किया गया है। देश के कई हिस्से पानी की कमी से जूझ रहे हैं और सरकार तथा जल कंपनियां लगातार लोगों से पानी की खपत घटाने की अपील कर रही हैं।

इसी कड़ी में, यह विशेष अभियान उन समुदायों पर केंद्रित है जिनकी सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथाओं में पानी का इस्तेमाल ज्यादा होता है। सरकार को उम्मीद है कि इन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर पानी की बड़ी बचत की जा सकती है। हालांकि, इस तरह किसी खास समुदाय की आदतों को निशाना बनाने वाला कैंपेन चर्चा का विषय भी बन गया है।