विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, विकास योजनाओं, पुलिस सुधार, निवेश वृद्धि और बदली हुई प्रदेश की छवि पर जोर दिया। उन्होंने यूपी को भय से विश्वास की ओर बढ़ता प्रदेश बताया।

लखनऊ। राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की ओर लंबी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कर्फ्यू की संस्कृति से कानून के राज की ओर बढ़ा है, उपद्रव से उत्सव की ओर आया है, समस्याओं से समाधान की दिशा में आगे बढ़ा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका रखा। उनका कहना था कि आज उत्तर प्रदेश भय का नहीं, बल्कि विश्वास और विकास का प्रदेश बन चुका है। यह बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि नीतिगत प्रतिबद्धता और सोच में परिवर्तन का परिणाम है।

संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और विपक्ष के व्यवहार पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है। ऐसे अवसर पर विपक्ष का व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि शायद विपक्ष अपने सदस्यों को नियंत्रित नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

कानून-व्यवस्था सुधार और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की छवि एक दिन में खराब नहीं हुई थी। वर्षों तक अपराध और अव्यवस्था के कारण बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी कारोबार समेटने को मजबूर थे। 2017 के बाद सरकार ने अपराध के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई। उनका कहना था कि अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और भयमुक्त वातावरण बना है।

गरीबी उन्मूलन और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ जारी रहेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिए जा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। मुफ्त राशन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।

पुलिस सुधार, महिला भर्ती और आधुनिक सुरक्षा तंत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती हुई है। महिला पुलिस की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सभी जिलों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क शुरू की गई है। फॉरेंसिक जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि अपराध की जांच अधिक वैज्ञानिक तरीके से हो सके।

बीमारू छवि से विकासशील राज्य तक- यूपी की आर्थिक प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की छवि से बाहर निकल चुका है। आर्थिक सर्वेक्षण पहली बार व्यवस्थित तरीके से सदन में प्रस्तुत हुआ, जो विकास की दिशा में बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि अब निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण से जुड़ी खबरें प्रदेश की नई पहचान बन रही हैं।

टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन -‘ट्रिपल-टी’ मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों की यात्रा टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन यानी ट्रिपल-टी की त्रिवेणी के रूप में सामने आई है। इससे लोगों में विश्वास बढ़ा है कि उत्तर प्रदेश भी बड़े परिणाम दे सकता है।

सांस्कृतिक विरासत, आस्था और पर्यटन अर्थव्यवस्था का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास हुआ है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज जैसे स्थान आस्था के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों को लेकर आशंका रहती थी, जबकि अब बड़े स्तर पर आयोजन हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अयोध्या राम मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास का उल्लेख किया।

सुरक्षा, निवेश और बदलती धारणा- यूपी ‘फियर जोन’ से ‘फेथ जोन’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश की छवि बदली है। अब लोग बिना डर के प्रदेश में यात्रा और व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निवेश बढ़ा है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

लोकतंत्र में सार्थक बहस का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर बड़ी संख्या में सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। उन्होंने स्वस्थ बहस और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी सदस्यों की सराहना की।