Budaun CBG Plant Incident: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूं के सीबीजी प्लांट में हुए हादसे की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है। बरेली कमिश्नर की अगुवाई वाली यह टीम लापरवाही और साजिश जैसे हर पहलू की जांच करेगी। सीएम ने साफ कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा के लिए प्लांट परिसर में पुलिस चौकी भी बना दी गई है।

लखनऊ: बदायूं के सीबीजी प्लांट में हुए दुखद हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम के निर्देश पर अब बरेली मंडल के मंडलायुक्त (कमिश्नर) की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (SIT) बना दिया गया है। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।

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हर एंगल से होगी जांच, दोषियों पर गिरेगी गाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनी यह एसआईटी हादसे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात की गहराई से जांच करेगी। सरकार का मकसद यह पता लगाना है कि क्या वहां किसी तरह की लापरवाही हुई थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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अपराधियों के लिए 'जीरो टॉलरेंस'

अपने संदेश में सीएम योगी ने यह भी जानकारी दी कि मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जांच के दौरान किसी भी तरह की साजिश या अपराध के सबूत मिलते हैं, तो सरकार अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अपराधियों पर ऐसी कार्रवाई करेगी जो मिसाल बनेगी।

अब प्लांट के अंदर ही होगी पुलिस चौकी

हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजामों को और भी कड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीजी प्लांट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब प्लांट परिसर के अंदर ही एक पुलिस चौकी बना दी गई है। इसका मकसद यह है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और औद्योगिक इलाकों में काम पूरी तरह सुरक्षित माहौल में हो सके।

पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का शिकार हुए परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जाहिर की हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि जांच में रत्ती भर भी ढील न बरती जाए और किसी भी दोषी को कतई न बख्शा जाए।