उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। इससे पहले लखनऊ में हुई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से स्वस्थ चर्चा और सदन के सुचारु संचालन के लिए सहयोग की अपील की।

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी (सोमवार) से शुरू होने जा रहा है। सत्र से ठीक पहले रविवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की। इस बैठक का उद्देश्य आगामी बजट सत्र को शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से संचालित करना रहा।

मुख्यमंत्री योगी की विपक्ष से सीधी अपील

सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे अहम मंच है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि सदन में जनहित के विषयों पर खुलकर बहस हो, ताकि प्रदेश के विकास को गति मिल सके।

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‘स्वस्थ चर्चा से ही विकास और समाधान’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ चर्चा से न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलती है, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान भी निकलता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को यह याद दिलाया कि सदन की कार्यवाही जनता की उम्मीदों से जुड़ी होती है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा से लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।

सदन को बाधामुक्त रखने पर जोर

नेता सदन ने सभी दलों के सदस्यों से आग्रह किया कि वे सदन के संचालन में किसी प्रकार की रुकावट न आने दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि की यह जिम्मेदारी है कि वह सदन को संवाद और समाधान का मंच बनाए, न कि टकराव का।

विधानसभा अध्यक्ष ने भी मांगा सभी का सहयोग

बैठक की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी राजनीतिक दलों से सदन के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक दिशा तय करता है, ऐसे में सभी सदस्यों को मर्यादा और संसदीय परंपराओं का पालन करना चाहिए।

कई दलों के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा सहित कई दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बजट सत्र पर टिकी जनता की निगाहें

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र से पहले हुई यह सर्वदलीय बैठक सरकार की उस मंशा को दर्शाती है, जिसमें सदन को टकराव के बजाय संवाद का मंच बनाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर यह सहमति और सकारात्मक माहौल कितना कायम रह पाता है।

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