उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि सुधार और रोजगार सृजन पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। बेरोजगारी दर घटने और निवेश बढ़ने का दावा किया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

स्किल डेवलपमेंट, आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई व्यावसायिक शिक्षा का हिस्सा हैं। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रत्येक जनपद के दो आईटीआई को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है, जिससे एक मुख्य संस्थान अन्य संस्थानों को तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और आधुनिक पाठ्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के राजकीय कॉलेजों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों को डेटा, इंटरनेट और डिजिटल संसाधनों की सुविधा दी जा रही है।

सीएम युवा उद्यमी योजना और डिजिटल सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अब तक 1,10,000 युवाओं को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के साथ ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण दिया गया है। योजना में चयन और प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। महिला उद्यमियों के लिए विशेष योजना भी लागू की गई है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के माध्यम से युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और निवेश में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी योजनाओं को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। 76 इनक्यूबेटर, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार की कमी और कानून-व्यवस्था के कारण पलायन होता था, लेकिन अब निवेश अनुकूल माहौल और बेहतर कानून-व्यवस्था से रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

डेटा सेंटर, एआई और यूपी डेटा अथॉरिटी

मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित यूपी डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में अग्रणी है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की फैब यूनिट स्थापना को औद्योगिक विकास का नया चरण बताया गया।

बेरोजगारी दर में कमी: 19% से 2.24% तक

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय लगभग 19 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने नीतिगत सुधार, निवेश और कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में उत्तर प्रदेश अग्रणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत हिस्सा रखता है। राज्य में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और एयर कनेक्टिविटी में भी प्रदेश आगे है। देश की पहली रैपिड रेल और पहली इनलैंड वाटरवे यूपी में स्थापित की गई है। सबसे अधिक शहरों में मेट्रो संचालन भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। छह शहरों में मेट्रो चल रही है और मेरठ में सातवीं मेट्रो सेवा जल्द शुरू होगी।

फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल टर्मिनल और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट

ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा है, जो बड़ा लॉजिस्टिक हब बनेगा। इनलैंड वाटरवे में मल्टीमॉडल टर्मिनल बनाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की उपज वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 12,000 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा है। इसमें पांच रनवे होंगे। इसके आसपास एमआरओ, एविएशन इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां विकसित होंगी।

कृषि नीति, डीबीटी और किसानों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लागत अधिक और उत्पादन कम था, जबकि आज लागत कम और उत्पादन अधिक है। बिचौलियों को हटाकर डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधे भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध और गन्ना उत्पादन में अग्रणी है। लगभग 16 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है और प्रति गोवंश 1500 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है। गन्ना मूल्य भुगतान पिछले वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर हुआ है।

चीनी मिल, एथेनॉल और कृषि वैल्यू चेन

प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है। चीनी मिलों को लाभकारी उद्योग में बदला गया है। कृषि वैल्यू चेन, स्टोरेज, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सिंचाई, मुफ्त बिजली और कृषि विश्वविद्यालय

‘हर खेत को पानी’ अभियान के तहत 31 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गई हैं। निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। ई-केसीसी पोर्टल के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया आसान की गई है।

ओडीओपी और जीआई टैग से लोकल टू ग्लोबल

एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से कारीगरों और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिला है। 77 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। एक जिला–एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना भी शुरू की गई है।