वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने वैश्विक निवेशकों के सामने राज्य के निवेश अवसर पेश किए। लुई ड्रेफस और सिफी जैसी कंपनियों ने यूपी में कृषि, ऊर्जा और एआई आधारित डेटा सेंटर निवेश में रुचि दिखाई।
दावोस की बर्फीली वादियों में जब दुनिया की अर्थव्यवस्था की दिशा तय होती है, तब उत्तर प्रदेश भी अपने विकास एजेंडे के साथ मजबूती से मौजूद दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में न केवल अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि राज्य को निवेश के नए वैश्विक केंद्र के रूप में पेश किया। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ हुई बैठकों ने साफ कर दिया कि यूपी अब केवल संभावनाओं की बात नहीं करता, बल्कि ठोस प्रस्तावों के साथ आगे बढ़ रहा है।
वैश्विक निवेशकों के सामने यूपी का विजन
डब्ल्यूईएफ दावोस में यूपी सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने दुनिया की बड़ी कंपनियों के सामने राज्य में मौजूद निवेश अवसरों को विस्तार से रखा। औद्योगिक बुनियादी ढांचे से लेकर लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एग्री-बिजनेस तक—हर सेक्टर में यूपी की तैयारी और नीति-समर्थन पर जोर दिया गया। इस दौरान कई वैश्विक निवेशकों ने राज्य में दीर्घकालिक निवेश की रुचि दिखाई।
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लुई ड्रेफस के साथ कृषि और ऊर्जा पर संवाद
अंतरराष्ट्रीय कृषि-व्यापार कंपनी लुई ड्रेफस के साथ हुई बातचीत खास रही। कंपनी ने भारत और उत्तर प्रदेश में अपने मजबूत नेटवर्क और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया। खाद्य तेल और दाल क्षेत्र में नई मिलों की योजना, आधुनिक वेयरहाउसिंग और डिजिटल ट्रैकिंग से लैस सप्लाई चेन—इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन जैसे सतत विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं।
नोएडा में एआई-रेडी डेटा सेंटर की तैयारी
डिजिटल सेवाओं की वैश्विक कंपनी सिफी टेक्नोलॉजीज ने उत्तर प्रदेश, खासकर नोएडा में बड़े निवेश का संकेत दिया। प्रस्तावित योजना के तहत रिन्यूएबल एनर्जी आधारित और एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने पर गंभीर मंथन हुआ। आधुनिक कूलिंग टेक्नोलॉजी से पानी की खपत घटाने, आसपास एआई सिटी विकसित करने और वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी जैसे बिंदुओं पर चर्चा ने यूपी को टेक्नोलॉजी हब के रूप में पेश किया।
19 से 23 जनवरी तक चल रहे डब्ल्यूईएफ में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल पूरी तैयारी के साथ शामिल है। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और इन्वेस्ट यूपी की टीम वैश्विक निवेशकों से संवाद कर रही है। उद्देश्य साफ है—राज्य को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और हाई-वैल्यू इन्वेस्टमेंट के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से ग्लोबल भरोसा
दावोस में यूपी सरकार ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि राज्य में नीतिगत स्थिरता, तेज कनेक्टिविटी, विशाल उपभोक्ता बाजार और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था मौजूद है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर किए गए सुधार और निवेशकों के अनुकूल माहौल ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक कंपनियों की नजर में और आकर्षक बना दिया है।
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