मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें मथुरा-वृंदावन फोरलेन मार्ग, 84 कोस परिक्रमा मार्ग का विकास, यमुना रिवर फ्रंट, क्रूज सेवा, पार्किंग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
वृंदावन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था, आधारभूत ढांचे का विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सरकार प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र की पहचान और मजबूत हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में 300 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक की जगह 11.80 किमी लंबा फोरलेन मार्ग बनाने पर चर्चा
बैठक वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी परिसर में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन को रेलवे विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि या भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए।
84 कोस परिक्रमा मार्ग और तीर्थ स्थलों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश भी दिए गए।
ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना की। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार और जनभागीदारी को भी शामिल किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाया जा सके।
मथुरा-वृंदावन के बीच यमुना रिवर फ्रंट और क्रूज संचालन की योजना
बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित की जाने वाली हेरिटेज सिटी परियोजना पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने गोवर्धन के पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
स्वच्छता, सुरक्षा और यमुना प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर
परिषद की 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने जल निगम और नगर निगम को एसटीपी, एसपीएस और पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए।
ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से सभी संबंधित विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का भी शुभारंभ किया।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार:
- मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक की जगह 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
- 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
- मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा।
- मथुरा से वृंदावन के बीच यमुना नदी में जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना आगे बढ़ाई जाएगी।
- ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा।
- छाता के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस बैठक में विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह और राजेश चौधरी उपस्थित रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाहकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एवं सचिव आवास शहरी नियोजन डॉ. बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार भी मौजूद रहे।


