50 लाख, दहेज, धारदार हथियार और पुलिस की वर्दी…आखिर बेंगलुरु के सस्पेंड SI पर पत्नी ने ऐसे कौन-कौन से सनसनीखेज आरोप लगाए कि DGP के आदेश पर गिरफ्तारी करनी पड़ी?

Bengaluru Dowry Harassment Case: जिस पुलिस वाले के कंधों पर कानून की रक्षा करने और बेसहारा लोगों को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी थी, वही अपने ही घर में जुर्म का सबसे बड़ा सौदागर बन बैठा। बेंगलुरु पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर ऑफिस में तैनात सब-इंस्पेक्टर भैरप्पा केएस है। लेकिन इस गिरफ्तारी के पीछे जो खौफनाक कहानी सामने आई है, उसने खाकी को बुरी तरह दागदार कर दिया है।

अपनों से ही जंग: जब रक्षक ही बन गया भक्षक

यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब भैरप्पा की पत्नी, जो खुद पेशे से एक वकील हैं, ने हिम्मत जुटाकर सीधे डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) का दरवाजा खटखटाया। पांच साल की शादी और एक तीन साल की मासूम बेटी की मां ने अपने ही पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, घरेलू हिंसा, आपराधिक धमकी और जानलेवा हमले के गंभीर आरोप लगाए हैं। शादी के शुरुआती साल तो ठीक रहे, लेकिन धीरे-धीरे भैरप्पा का असली और क्रूर चेहरा सामने आने लगा।

रिश्वत की सस्पेंशन और ₹50 लाख की सनक

सस्पेंड चल रहे इस सब-इस्ंपेक्टर की पैसों की भूख तब और बढ़ गई जब पिछले साल जून में सुब्रमण्यपुरा पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान लोकायुक्त ने उसे रिश्वत के एक मामले में धर दबोचा था। सस्पेंड होने के बाद उसने अपनी पत्नी के परिवार पर पैसों के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने लोकायुक्त के मामले से निपटने के लिए ससुराल वालों से बार-बार ₹50 लाख, एक आलीशान घर और एक प्लॉट की मांग की। जुल्म की इंतिहा तब हो गई जब पत्नी के पिता ने उसकी मांगें पूरी करने के लिए दो कारें खरीदीं और कई बार मोटी रकम दी, लेकिन भैरप्पा की दरिंदगी कम नहीं हुई। उसने अपनी पत्नी के सामने दो ही रास्ते छोड़े-या तो मायके से ₹50 लाख लेकर आए या फिर आपसी सहमति से तलाक दे दे।

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रोंगटे खड़े कर देने वाली धमकियां और अय्याशी का जाल

वकील पत्नी द्वारा लगाए गए आरोप यहीं खत्म नहीं होते। भैरप्पा पर चरित्र पर शक करने, अपनी ही तीन साल की बेटी का पिता होने से इनकार करने और कई अन्य महिलाओं के साथ नाजायज संबंध रखने के भी आरोप हैं। हद तो तब हो गई जब वह दूसरी महिलाओं को अपने घर तक लेकर आने लगा। जब पत्नी ने इसका विरोध किया, तो इस सब-इंस्पेक्टर ने अपनी खाकी की हनक दिखाते हुए उसे अपराधियों से मरवाने की सीधी धमकी दे डाली। वह अकसर अपनी पत्नी और मासूम बच्ची को आधी रात को घर से बाहर निकाल देता था और उनकी बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं करता था।

अपनों के सामने ही लहूलुहान हुआ बुजुर्ग पिता

जुल्म की यह दास्तान 12 जुलाई को अपने सबसे खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई। उस दिन महिला के बुजुर्ग पिता इस घरेलू विवाद को सुलझाने और अपनी बेटी का घर बचाने के लिए भैरप्पा के घर आए थे। बातचीत के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि भैरप्पा ने अपना आपा खो दिया और ससुर पर ही धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी ड्रामे के दौरान महिला ने जब 112-इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल किया, तो पुलिस महकमे के रसूख के कारण कोई तुरंत कार्रवाई नहीं की गई। महिला ने आरोप लगाया कि पूर्व में जब वह शिकायत करने लोकल पुलिस स्टेशन गई थी, तो भैरप्पा के बैचमेट्स ने FIR दर्ज करने के बजाय सिर्फ एक साधारण रिपोर्ट (NCR) लिखकर मामले को रफा-दफा करने और उसे बचाने की कोशिश की थी।

कानून का शिकंजा और अदालत का रास्ता

जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब पीड़ित महिला ने DGP से न्याय की गुहार लगाई। उच्च स्तर से आदेश आने के बाद मंगलवार को पुलिस ने आखिरकार आरोपी सब-इंस्पेक्टर भैरप्पा केएस को सलाखों के पीछे भेज दिया। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि मामले में सख्त धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपी को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच जारी है, जिसने यह साबित कर दिया है कि वर्दी के पीछे छिपा अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।