उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में आंधी-तूफान और भारी बारिश ने कहर बरपाया है। इस प्राकृतिक आपदा में 111 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज़्यादा मवेशी मारे गए। बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बीच बचाव कार्य जारी है।
- 19 ज़िलों में कुदरत का भारी कहर
- 150 मवेशियों की मौत, जन-जीवन अस्त-व्यस्त
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 2 दिनों से चल रहे आंधी-तूफान और भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है।

संभल और उन्नाव समेत राज्य के 19 ज़िलों में भारी बारिश हुई है, जिससे लोगों, मवेशियों और फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। 75 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं और 150 से ज़्यादा मवेशियों की जान चली गई है। कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिनके लिए बचाव अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है।
बुधवार को अचानक तेज़ हवाओं, बारिश और बिजली कड़कने के साथ यह तबाही शुरू हुई। ज़्यादातर जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे ट्रैफिक और बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। कई घर और चारदीवारें ढह गई हैं और बचाव का काम जारी है। आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़िलाधिकारियों के साथ बैठक की है और हर तीन घंटे में नुकसान की रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को बिना किसी देरी के मुआवज़ा बांटने का भी निर्देश दिया है।
टिन शेड के साथ 50 फीट हवा में उड़ा शख्स, फिर भी बच गई जान
बारिश से बचने के लिए एक शेड के नीचे खड़े 50 साल के ई-रिक्शा ड्राइवर को तेज़ आंधी अपने साथ 50 फीट ऊपर उड़ा ले गई। यह हैरान करने वाली घटना उत्तर प्रदेश की है। इसका वीडियो वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं कि उस शख्स की जान बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
बरेली ज़िले के बमियान के रहने वाले नन्हे नाम के शख्स एक शादी हॉल के लिए सामान लेने जा रहे थे, तभी तेज़ बारिश और आंधी शुरू हो गई। इससे बचने के लिए वह एक टिन शेड के नीचे खड़े हो गए। हवा इतनी तेज़ थी कि उन्हें लगा कि वह उड़ जाएँगे, इसलिए उन्होंने शेड में बंधी रस्सी को कसकर पकड़ लिया। लेकिन तूफान ने पूरे शेड को ही जड़ से उखाड़ दिया। इससे पहले कि नन्हे कुछ समझ पाते, वह रस्सी के साथ शेड समेत 50 फीट ऊपर हवा में उड़ गए और पास के एक खेत में जा गिरे। इस घटना में उनकी जान तो बच गई, लेकिन उनकी दो हड्डियाँ टूट गई हैं।
