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UP Education Scam: नाम बदला, दस्तावेज बदले और मिल गई सरकारी नौकरी-कैसे फेल हुआ सरकारी सिस्टम?
यूपी में एक महिला टीचर पर पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरी पाने का आरोप लगा है। बेसिक शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। महिला को सस्पेंड कर नौकरी से निकाल दिया गया है, जांच जारी है।

Pakistani Citizen Teacher In India: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक को चौंका दिया है। मामला एक महिला टीचर से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की। जब तक यह राज़ सामने आया, तब तक वह सालों तक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाती रही। यह केस सिर्फ एक नौकरी का नहीं, बल्कि नागरिकता, सुरक्षा और सरकारी सिस्टम में सेंध से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
आखिर पूरा मामला सामने कैसे आया?
पुलिस के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग ने जब अपने स्तर पर अंदरूनी जांच की, तो कई दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि महिला टीचर माहिरा अख्तर उर्फ फरजाना ने नौकरी पाने के लिए ऐसे कागजात दिए थे, जो बाद में फर्जी पाए गए। इसके बाद विभाग ने सीधे अज़ीम नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर FIR लिखी गई।
कौन है आरोपी महिला और कहां करती थी नौकरी?
एडिशनल एसपी अनुराग सिंह के मुताबिक, आरोपी महिला कुम्हरिया गांव के एक प्राइमरी स्कूल में टीचर के पद पर तैनात थी। स्थानीय स्तर पर उसे एक सामान्य भारतीय महिला शिक्षक के तौर पर ही जाना जाता था। किसी को शक नहीं था कि उसका अतीत इतना विवादित हो सकता है।
पाकिस्तानी नागरिकता से जुड़ा सच क्या है?
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने 1979 में एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की थी। इस शादी के बाद उसने कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिकता भी हासिल कर ली। बाद में तलाक के बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लौटी। यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया।
भारत लौटने के बाद क्या बदली पहचान?
भारत आने के बाद, करीब 1985 के आसपास, महिला ने एक स्थानीय भारतीय व्यक्ति से शादी कर ली। आरोप है कि इसी दौरान उसने खुद को भारतीय नागरिक बताकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनवाए और इन्हीं के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी हासिल कर ली। पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। ये सभी धाराएं धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़ी हैं।
नौकरी का क्या हुआ और आगे क्या कार्रवाई होगी?
जैसे ही महिला की पाकिस्तानी नागरिकता का खुलासा हुआ, बेसिक शिक्षा विभाग ने उसे पहले सस्पेंड किया और बाद में नौकरी से बर्खास्त कर दिया। फिलहाल पुलिस जांच जारी है, सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्या यह मामला सिस्टम पर सवाल खड़े करता है?
यह सवाल अब हर किसी के मन में है कि अगर कोई व्यक्ति सालों तक फर्जी पहचान के साथ सरकारी नौकरी कर सकता है, तो जांच व्यवस्था कितनी मजबूत है? पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

