Iran Israel War Update: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आर्थिक रीढ़ खार्ग आइलैंड पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। यह छोटा सा टापू ईरान के 90% तेल निर्यात को कंट्रोल करता है। अगर यह टापू अमेरिका के कब्जे में आता है, तो ईरान की अर्थव्यवस्था ढह और ग्लोबल तेल सप्लाई रुक सकती है।

Donald Trump Iran Invasion plan: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के दो हफ्ते बाद भी अमेरिका और इजरायल का मुख्य मकसद 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) अधूरा है। लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी चाल चली है, जिसने पूरी दुनिया को दहशत में डाल दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के 'खार्ग आइलैंड' (Kharg Island) पर इतिहास का सबसे बड़ा बमबारी हमला किया। इस आईलैंड को ईरान की 'तिजोरी' कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा कि यह आईलैंड कहां है, ट्रंप की नजर इस पर क्यों है और क्यों यहां हुआ एक छोटा सा हमला भारत में पेट्रोल की कीमतों को 200 रुपए के पार ले जा सकता है? आइए समझते हैं...

खार्ग आइलैंड पर ट्रंप की नजर क्यों है?

फारस की खाड़ी में स्थित 'खार्ग आइलैंड' को 'ऑर्फन पर्ल' (Orphan Pearl) या 'फॉरबिडन आइलैंड' भी कहा जाता है। यह आइलैंड आकार में लक्षद्वीप से भी छोटा है, लेकिन इसकी अहमियत काफी ज्यादा है। ईरान अपने कुल तेल निर्यात का 90% हिस्सा इसी छोटे से टापू से भेजता है। 2024 में ईरान ने तेल बेचकर करीब 7.2 लाख करोड़ रुपए (78 बिलियन डॉलर) कमाए, जिसका मुख्य केंद्र खार्ग ही था। इसके अलावा ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम का पैसा इसी टापू से निकलने वाले तेल से आता है। जानकारों का कहना है कि किसी भी देश में हवाई हमलों से आज तक कोई सरकार नहीं गिरी। अगर ट्रंप को ईरान में सत्ता बदलनी है, तो उन्हें जमीन पर उतरना होगा (Boots on ground) और खार्ग आइलैंड इसके लिए सबसे सटीक जगह है।

ईरान पर हमले को लेकर US का सीक्रेट मिलिट्री प्लान

इंडिया टुडे ने रक्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथन के अनुसार बताया कि अमेरिका खार्ग आइलैंड पर कब्जे के लिए एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू कर सकता है। इस ऑपरेशन के 4 मुख्य चरण हो सकते हैं। सबसे पहले ईरानी रडार और एयर डिफेंस को तबाह करना, जो शुक्रवार के हमले से शुरू हो चुका है। दूसरा अमेरिकी स्पेशल फोर्स (Navy SEALs, Delta Force) द्वारा टापू की इकलौती हवाई पट्टी को सील करना। तीसरा C-130 हरक्यूलिस विमानों और चिनूक हेलीकॉप्टरों के जरिए हजारों सैनिकों को उतारना और चौथा तेल टर्मिनलों को सुरक्षित करना और ईरानी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' तैनात करना।

खार्ग आइलैंड पर अटैक से भारत पर क्या असर होगा?

  • खार्ग से निकलने वाला तेल मुख्य रूप से भारत और चीन जैसे एशियाई देशों को जाता है। अगर इस पर हमला हुआ, तो सप्लाई चेन ब्लॉक हो सकता है।
  • ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंधक बना लिया है। अगर यहां जंग बढ़ी, तो कच्चे तेल की ग्लोबल सप्लाई रुक जाएगी।
  • ग्लोबल बैंकिंग फर्म JP मॉर्गन के अनुसार, खार्ग पर हमला ऊर्जा बाजारों में भीषण तबाही ला सकता है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इसी से अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसा होने पर भारत में पेट्रोल-डीजल काफी महंगा हो सकता है।

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