TMC में कौन खेल गया सबसे बड़ा खेला? दीदी के सामने खड़ा हुआ नया संकट? कौन है टीएमसी तोड़ने वाला जो बना ममता दीदी का विलेन? दीदी को किसने दिया सबसे बड़ा झटका? नाम जानकर चौंक जाएंगे? बंगाल में खेला किसने किया? दो नामों ने बढ़ा दी सियासी बेचैनी
पश्चिम बंगाल में एक नहीं दो-दो बार मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे वक्त से गुजर रही हैं। जितना सदमा उनको विधानसभा चुनाव हारने का नहीं लगा था, उससे कहीं ज्यादा दुख उनके अपनी ही पार्टी के नेताओं ने दिया है। एक तरफ जहां दो दिन पहले 58 विधायकों ने उनका साथ छोड़ा था। आज सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

संडे की रात दिल्ली की होटल में हुआ फैसला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल में टीएम के कद्दावर नेता और लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया किु टीएमसी के 20 सांसदों ने NDA के साथ जाने का फैसला कर लिया है। हमने इसकी जानकारी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को भी जानकारी दे दी है। वहीं यह भी जानकारी आ रही है कि एक दिन पहले रविवार को टीएमसी के 20 सांसदों ने दिल्ली की एक होटल में सीक्रेट मीटिंग की है। जिसमें टीएमसी छोड़ने और बीजेपी के साथ आने का फैसला किया गया है। बता दें कि काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में तृणमूल के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA में शामिल होने की इच्छा जताई है।
ममता बनर्जी की ताकत यूं घटती जा रही
बता दें कि अब सवाल यह है कि जब 28 में से 20 सांसद एनडीए को सपोर्ट कर रहे हैं तो ममता बनर्जी के पास महज 8 सांसद रह जाएंगे। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। अब अगर बात राज्यसभा की करें तो टीएमसी के राज्यसभा में कुल 13 सांसद हैं। हो सकता है कि आने वाले दिनों में इनमें भी टूट हो जाए।
इन दो शख्स ने TMC के सांसद और विधायकों को तोड़ा
- बता दें कि ममता बनर्जी के विधायकों को उनसे दूर करने वाले नेता का नाम ऋतब्रत बनर्जी है। जो खुद टीएमसी से विधायक हैं। लेकिन बुधवार को वह पार्टी के 58 विधायकों को अपने साथ ले गए। इसके बाद टीएमसी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना।
- अब बताया जा रहा है कि टीएमसी से 28 में से 20 सांसद तोड़कर एनडीए को सपोर्ट करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ लोकसभा सांसद काकोली घोष का है। जिन्होंने सबसे पहले एनडीए के नेताओं से मुलाकात की, फिर संडे की रात अपनी पार्टी के 20 एमपी के साथ दिल्ली की होटल में सीक्रेट मीटिंग की। जहां टीएमसी छोड़ने और बीजेपी को सपोर्ट करने का फैसला लिया गया।
कौन हैं टीएमसी की सासंद काकोली घोष, जिन्होंने किया खेला
काकोली घोष टीएमसी की सबसे सीनियर महिला नेताओं में से एक हैं। जो 'ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस' की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह पेशे से डॉक्टर हैं, जिन्होंने कांग्रेस के छात्र आंदोलन के जरिए राजनीति में कदम रखा था। वह ममता बनर्जी की सबसे करीबी रही हैं। क्योंकि उन्होंन 1970 के दशक से ममता बनर्जी के साथ राजनीतिक पारी की शुरूआत की थी। लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें संसदीय पद से हटाए जाने के बाद काकोली ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अपना दर्द बयां किया था।


