क्या रूस से पंगा ले बड़ी गलती कर रहा अमेरिका? वेनेजुएला से आ रहे 2 रूसी टैंकर US ने कब्जाए
Russia vs America: अमेरिका-रूस के बीच चले आ रहे तनाव में यूएस नेवी ने घी डालने का काम किया है। दरअसल, अमेरिका ने वेनेजुएला से आ रहे रूस के झंडे वाले टैंकर 'मरीनेरा' को जब्त कर लिया है। इस पर रूस ने गहरी नाराजगी जताई है।

न्यूज एजेंसी एपी ने अमेरिकी सेना के हवाले से बताया कि बुधवार 7 जनवरी को अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में दो हफ्ते से ज़्यादा समय तक पीछा करने के बाद वेनेजुएला से जुड़े एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त कर लिया। इस जब्ती के बाद रूस के साथ अमेरिका का तनाव चरम पर पहुंच सकता है।
बता दें कि अमेरिका के इस एक्शन के दौरान रशियन नेवी के युद्धपोत और पनडुब्बियां भी उसी इलाके में मौजूद थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैरेबियन सी में भी वेनेजुएला से आ रहे तेल टैंकर को अमेरिकी कोस्टगार्ड ने अपने कब्जे में लिया है।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम के मुताबिक, अमेरिकी तटरक्षक बल ने तड़के 2 बजे ऑपरेशन शुरू किए। पहला टैंकर बेला-1 नॉर्थ अटलांटिक में पकड़ा गया, जबकि दूसरा टैंकर सोफिया कैरेबियन सागर के जब्त किया गया। ये दोनों जहाज वेनेजुएला में खड़े थे या फिर प्रतिबंधित तेल लेकर रूस की ओर जा रहे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन को अंजाम देने में ब्रिटेन ने भी अमेरिका का साथ दिया और अपनी जमीन मुहैया कराई। यानी टैंकर पर कब्जा जमाने के लिए अमेरिकी सेना ने ब्रिटिश हवाई अड्डों का इस्तेमाल किया। जब रूसी टैंकर आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच से गुजर रहे थे, तभी ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने इसकी सटीक जानकारी अमेरिका को दी।
TASS स्टेट न्यूज एजेंसी के अनुसार, सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के एक सीनियर रूसी सांसद, आंद्रेई क्लिशस ने अमेरिकी कार्रवाई को खुली डकैती बताया। रूसी सरकारी ब्रॉडकास्टर RT ने मरीनरा के पास मंडराते हुए एक हेलीकॉप्टर की तस्वीर दिखाई और कहा कि ऐसा लग रहा था कि अमेरिकी सेना उस अमेरिकी-प्रतिबंधित टैंकर पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी, जो खाली है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल के समय में यह पहली बार है, जब अमेरिकी सेना ने रूसी झंडे वाले जहाज को ज़ब्त करने की कोशिश की है। यह कोशिश उस ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया था। हालांकि, रूस इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है, जिससे यूक्रेन और वेनेजुएला के मुद्दे पर अमेरिका से चल रही तनातनी और बढ़ सकती है।

