अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर को 'खतरे की घंटी' बताया है। अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे मुनीर के ईरान के IRGC से गहरे संबंध हैं, जिसे एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
वॉशिंगटन: एक तरफ पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने के लिए बेताब हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके खिलाफ आगाह कर दिया है। एजेंसी ने साफ कहा है कि मुनीर एक 'रेड फ्लैग' (खतरे की घंटी) और बोझ की तरह हैं। ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि मुनीर के ईरान की ताकतवर पैरामिलिट्री फोर्स IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के साथ गहरे रिश्ते बताए जाते हैं, जबकि ट्रंप उन्हें 'मेरा पसंदीदा फील्ड मार्शल' कहकर तारीफ कर चुके हैं।
पाकिस्तान के रिटायर्ड जनरल अहमद सईद ने अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज को बताया कि मुनीर 2016 से ही ईरान के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहे थे। उनके IRGC, ईरान की सेना और कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी और होसैन सलामी जैसे नेताओं के साथ अच्छे ताल्लुकात रहे हैं।
इस बयान के बाद एक और सुरक्षा विश्लेषक बिल रोगियो ने भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, 'अफगानिस्तान युद्ध के समय पाकिस्तान हमारा दोस्त होते हुए भी तालिबान का साथ दे रहा था। ठीक उसी तरह, अब ईरान के साथ बातचीत में मध्यस्थता कर रहे मुनीर और IRGC के बीच के रिश्ते को भी एक बड़े खतरे के तौर पर देखना चाहिए।'
पाकिस्तान, जो अमेरिका और ईरान दोनों का सहयोगी है, इन दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ऐसे में यह चेतावनी सामने आना वाकई चिंता की बात है।
