US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट बंद होते ही मिडिल ईस्ट में जंग और गहरी हो गई। कार्गो शिप पर हमले के बाद अमेरिका ने तीसरा सैन्य हमला शुरू किया, जबकि तेल सप्लाई और वैश्विक बाजार पर बड़े संकट के संकेत हैं।

US-Iran Conflict 2026: मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और रविवार को यह बारूद एक बार फिर सुलग उठा। ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग, होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हमला किए जाने के बाद अमेरिका का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बीच, अमेरिकी सेना (US Forces) ने लगातार तीसरी रात ईरान पर भीषण हवाई हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। दक्षिणी ईरान के कई शहर धमाकों की गूंज से दहल उठे हैं, और इसी के साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया गया है।

समंदर में खूनी खेल: साइप्रस के जहाज पर ईरान का हमला!

यह पूरी आग तब भड़की जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर शिप, M/V GFS गैलेक्सी को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान ने इस जहाज पर खुलेआम गोलीबारी की, जिससे इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और जहाज में भीषण आग लग गई। इस हमले के बाद जहाज का एक सिविलियन क्रू मेंबर लापता बताया जा रहा है। CENTCOM ने साफ किया कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने का आखिरी मौका दिया गया था, जिसमें वह पूरी तरह नाकाम रहा। इसके जवाब में, कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने शाम 7:15 बजे (ET) ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का तीसरा दौर शुरू कर दिया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा: "ईरान ने बहुत गलत फैसला किया है, और अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

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धमाकों से दहला ईरान: आसमान से बरसी अमेरिकी मिसाइलें

जैसे ही अमेरिका ने अपने तीसरे दौर के हमलों का आगाज किया, ईरान के कई शहर थर्रा उठे। ईरान के IRIB स्टेट ब्रॉडकास्टर के अनुसार, दक्षिणी ईरान के असलुयेह और बंदर डेयर में स्थानीय निवासियों ने एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास और सिरिक पोर्ट सिटी में तीन-तीन भयानक विस्फोट दर्ज किए गए, जबकि चाबहार पोर्ट सिटी दो बड़े धमाकों से गूंज उठी। बुशहर प्रांत का असलुयेह शहर चार बैक-टू-बैक धमाकों का गवाह बना, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ईरान ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है। नए ईरानी नेतृत्व ने धमकी दी है कि वे इस इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेसों को निशाना बनाकर इसका बेहद 'कड़ा' और गंभीर जवाब देंगे।

ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज स्ट्रेट? वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट!

इस सैन्य टकराव के बीच IRGC ने एक बेहद खतरनाक घोषणा कर दी है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को "अगली सूचना तक और अमेरिकी दखल खत्म होने तक" सभी तरह के कमर्शियल और समुद्री ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। यह फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी तोड़ने जैसा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह सबसे अहम शिपिंग रूट है, जहां से पूरी दुनिया की लगभग एक-पांचवीं (20%) तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मच गया है और तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचा, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।

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पर्दे के पीछे डिप्लोमेसी: ओमान और कतर का 'डबल कॉरिडोर' प्लान

जब एक तरफ मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध को रोकने के लिए पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। ओमान, कतर और ईरान के अधिकारी मस्कट में एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं। तनाव कम करने के लिए ओमान ने एक 'डबल ट्रांज़िट कॉरिडोर' का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत:

  • दक्षिणी कॉरिडोर: जो ओमान के समुद्री इलाके से होकर गुजरेगा, वहां से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी फीस के सुरक्षित गुजरने की आजादी होगी।
  • उत्तरी कॉरिडोर: जो ईरान के समुद्री क्षेत्र में आता है, वहां से गुजरने वाले जहाजों को तेहरान से पहले मंजूरी लेनी होगी।

हालांकि, इस शांति प्रस्ताव पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अमेरिका को धमकी देना बंद नहीं किया, तो वे "1000 मिसाइलों" से ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका पुराने समझौतों को लागू नहीं करता और प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक कोई बातचीत मुमकिन नहीं है। अब देखना यह है कि क्या मस्कट की यह बातचीत युद्ध की आग को ठंडा कर पाती है, या दुनिया एक बड़े वैश्विक युद्ध की गवाह बनने जा रही है।

ट्रंप प्रशासन की कड़ी चेतावनी, ईरान का भी सख्त रुख

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने "गलत फैसला" लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान ने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो अमेरिका बेहद कठोर जवाब देगा। दूसरी ओर, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी नई बातचीत से पहले अमेरिका को पहले हुए समझौतों का सम्मान करना होगा। तेहरान का कहना है कि जब तक शिपिंग और तेल निर्यात से जुड़े पुराने समझौतों को लागू नहीं किया जाता, तब तक आगे की वार्ता संभव नहीं होगी।

तेल बाजार पर क्यों बढ़ गई है दुनिया की चिंता?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा लाइनों में शामिल है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यदि यह जलमार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और सप्लाई चेन पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य तनाव और बढ़ा तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी इसकी चपेट में आ सकती है।