अमेरिका के टेक्सास में एक शख्स अपने भारतीय पड़ोसियों के सुबह 5 बजे के शोर से परेशान है। उसकी नींद खराब होने पर लिखा गया नोट वायरल हो गया है, जिससे सोशल मीडिया पर भारतीय संस्कृति और व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है।
अमेरिका के टेक्सास के फ्रिस्को शहर में एक शख्स अपने भारतीय पड़ोसियों से तंग आ गया है। उसने सुबह-सुबह होने वाले शोर को लेकर एक नोट लिखा, जो अब वायरल हो गया है। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय कल्चर और पड़ोसियों के साथ व्यवहार को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।
सुबह-सुबह का हंगामा
यह मामला वेस्ट फ्रिस्को/लिटिल एल्म में स्टोनब्रुक पार्कवे के पास एक रिहायशी इलाके का है। यहां रहने वाले एक शख्स ने अपने भारतीय पड़ोसियों पर सुबह-सुबह उसकी नींद खराब करने का आरोप लगाया है। उसने रेडिट पर एक पोस्ट में अपनी परेशानी बताई, जो बाद में एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल हो गई। हालांकि, बाद में उसने अपनी रेडिट पोस्ट डिलीट कर दी।
पोस्ट लिखने वाले शख्स ने बताया कि वो एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के लिए रिमोट जॉब करता है। उसकी शिफ्ट शाम 6 बजे से देर रात 2 बजे तक होती है। आमतौर पर, काम खत्म करके वो सुबह 3 बजे के आसपास सोता है।
लेकिन सिर्फ दो घंटे बाद ही, बगल के घर में रहने वाले भारतीय परिवार के शोर से उसकी नींद खुल जाती है। उसने लिखा, "हर दिन सुबह 5 बजे, बगल वाला भारतीय परिवार बाहर होता है। कई लोग होते हैं और इतनी ज़ोर-ज़ोर से बातें करते हैं जैसे दिन का समय हो। बाकी सब शांत होने की वजह से उनकी आवाज़ें और भी तेज़ सुनाई देती हैं।"
उसने बताया कि पानी डालने, ज़ोर-ज़ोर से झाड़ू लगाने और परिवार के लोगों का रंगीन चॉक से ज़मीन पर रंगोली जैसी डिज़ाइन बनाने का काम रोज़ सुबह होता है। शख्स ने शिकायत की कि वीकेंड समेत हर दिन सुबह लगभग 20 से 30 मिनट तक यही सब चलता है। जब उसने इस बारे में पड़ोसियों से बात की, तो वे बस हंस दिए।
लोगों ने दी अलग-अलग राय
यह नोट सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया। इसके बाद कई लोगों ने उसे पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। वहीं, कुछ लोगों ने लिखा कि सारे भारतीय ऐसे नहीं होते, कुछ लोगों में सिविक सेंस की कमी होती है। हालांकि, कुछ यूज़र्स ने इसे नस्लभेदी बताया और कहा कि यह जानबूझकर भारतीयों की छवि खराब करने की कोशिश है।
