Donald Trump Republican loss: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका लगा है। एलन मस्क ने ट्रंप की पार्टी के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन फिर भी भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है।

Democratic Party Victory: अमेरिकी संसद के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी ने संसद के दोनों सदनों, सीनेट और प्रतिनिधि सभा पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह नतीजा एक बड़ा झटका है। विदेशों पर भारी टैक्स लगाना और ईरान के खिलाफ युद्ध का रुख उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ है।

ट्रंप की पार्टी के लिए मस्क ने खर्च किए ₹4700 करोड़!

वाशिंगटन: दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन एलन मस्क ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के लिए 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे। मस्क ने यह भारी भरकम रकम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनके चुनाव प्रचार पर खर्च की थी। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद मस्क समर्थित रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।

अमेरिका में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों की जीत

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है और कई जगहों पर जीत हासिल की है। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता अमी बेरा, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुने गए हैं, जबकि पिया दांडिया ने पहली बार सदन में प्रवेश किया है। बेरा लगातार 8वीं बार चुने गए हैं और अमेरिकी कांग्रेस में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति बन गए हैं।

उधर, मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर अरुणा मिलर फिर से चुनी गई हैं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पूजा सेठी टेक्सास विधायिका के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला और पहली एशियाई-अमेरिकी डेमोक्रेटिक महिला बन गई हैं।

भटकल के दामाद की जीत

कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले अब्दुल अल-सईद ने मिशिगन राज्य से जीत हासिल की है। उन्होंने अमेरिका के इतिहास में सीनेट में प्रवेश करने वाले पहले मुस्लिम बनकर इतिहास रच दिया है। सईद की पत्नी सारा जकाकू के पिता भटकल के रहने वाले हैं। उनके दादा जुकाकू शम्सुद्दीन, जो एक वकील और शिक्षाविद् थे, बी.डी. जत्ती सरकार में वित्त विभाग के उप मंत्री थे।

मुझे भी ज्ञानेश दे दो: ट्रंप पर मीम्स वायरल

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद सोशल मीडिया पर ट्रंप को लेकर मीम्स वायरल हो रहे हैं। पीएम मोदी को संबोधित करते हुए ट्रंप का एक व्यंग्यात्मक संदेश वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं, 'ब्रो, मुझे भी ज्ञानेश (सीईसी ज्ञानेश कुमार) दे दो।' विपक्ष आरोप लगा रहा है कि 'ज्ञानेश बीजेपी के पक्षपाती हैं। उन्होंने ही बीजेपी को जिताया है।' इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप को लेकर मीम्स शेयर किए जा रहे हैं।

कॉकरोच पार्टी और कांग्रेस के नेता सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं कि 'अगर ज्ञानेश कुमार वहां होते, तो वह ट्रंप को हारने नहीं देते।' वकील प्रशांत भूषण द्वारा शेयर की गई एक पोस्ट में लिखा है, 'मोदी: क्षमा करें, मैं आपको ज्ञानेश नहीं दे सका।' सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पोस्ट किया, 'अगर ज्ञानेश होते, तो ट्रंप की यह हालत नहीं होती।'