ईरान में अमेरिका का एक फाइटर प्लेन गिरा दिया गया था. उसके पायलट को एक खास टेक्नोलॉजी 'घोस्ट मरमर' की मदद से बचाया गया. यह टूल AI और क्वांटम मैग्नेटोमेट्री का इस्तेमाल करके दूर से ही इंसान के दिल की धड़कन को पहचान लेता है.
वॉशिंगटन: ईरान ने अमेरिका का एक F-15 फाइटर प्लेन मार गिराया था। लेकिन अमेरिकी सेना ने एक हैरान करने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन में अपने पायलट को बचा लिया। इस मिशन में एक ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी ने मदद की, जिसका नाम है 'घोस्ट मरमर' (Ghost Murmur)! बताया जा रहा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के लिए बनाए गए इस टूल का इस्तेमाल सेना ने किसी बचाव अभियान में पहली बार किया है।
'घोस्ट मरमर' एक ऐसा सिस्टम है जो इंसान के दिल की धड़कन से निकलने वाले बेहद हल्के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को दूर से ही पकड़ लेता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 अप्रैल को इसी टूल ने दक्षिण ईरान की पहाड़ियों में अपनी जान बचाकर छिपे पायलट (जिसका कोडनेम 'डूड 44 ब्रावो' था) का 40 मील दूर से ही सटीक पता लगा लिया था।
क्या है ये 'घोस्ट मरमर' टेक्नोलॉजी?
यह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और क्वांटम मैग्नेटोमेट्री को मिलाकर बनाया गया एक खास सिस्टम है। क्वांटम मैग्नेटोमेट्री एक ऐसी तकनीक है जो क्वांटम सिस्टम का इस्तेमाल करके मैग्नेटिक फील्ड का बहुत सटीक पता लगाती है। यह टूल हवा में मौजूद बाकी शोर के बीच इंसान के दिल की धड़कन से पैदा होने वाले सिग्नल को अलग से पहचान लेता है। इसे ऐसे समझिए, जैसे किसी भरे हुए स्टेडियम में हजारों लोगों के बीच किसी एक खास शख्स को सिर्फ उसकी धड़कन के आधार पर ढूंढ निकालना।
आमतौर पर, इंसान के दिल की धड़कन इतनी कमजोर होती है कि उसे सेंसर को सीधे सीने पर लगाकर ही महसूस किया जा सकता है। लेकिन, क्वांटम मैग्नेटोमेट्री का इस्तेमाल करने वाला 'घोस्ट मरमर' सिस्टम इन सिग्नल्स को काफी दूर से भी पकड़ने की ताकत रखता है। इस कमाल के टूल को अमेरिका की कंपनी लॉकहीड मार्टिन के 'स्कंक वर्क्स' ने डेवलप किया है। किसी रेस्क्यू ऑपरेशन में इसका इस्तेमाल पहली बार हुआ है।
'घोस्ट मरमर' नाम का मतलब क्या है?
मेडिकल भाषा में 'मरमर' (Murmur) का मतलब दिल की धड़कन की असामान्य आवाज से होता है। वहीं, 'घोस्ट' (Ghost) यानी भूत, जिसका इस्तेमाल यहां किसी लापता व्यक्ति के लिए किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी वजह से इस सिस्टम को 'घोस्ट मरमर' नाम दिया गया है।
