अमेरिका के यूटा मॉल में हैदराबाद के सैयद सोहेल उद्दीन पर चाकू से हमला, पुलिस ने धर्म से प्रेरित हमला बताया। आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित की हालत गंभीर-क्या नफरत बनी इस वार की वजह?
Hyderabad Man Attacked US Utah Mall: अमेरिका के यूटा (Utah) से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न सिर्फ़ वहाँ रहने वाले अप्रवासियों बल्कि पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है। एक भरे-पूरे शॉपिंग मॉल के भीतर बिना किसी उकसावे के, एक भारतीय नागरिक पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने इस ख़ूनी खेल के पीछे जो वजह बताई है, वह बेहद हैरान और डराने वाली है। आइए जानते हैं कि उस काली दोपहर को मॉल के भीतर क्या हुआ और इस वक़्त पीड़ित किस हाल में हैं।
मॉल के भीतर अचानक चीख-पुकार: क्या था वह खौफ़नाक मंज़र?
घटना 14 जुलाई की है। यूटा के साल्ट लेक काउंटी में स्थित वेस्ट वैली सिटी के वैली फेयर मॉल में रोज़ की तरह चहल-पहल थी। मूल रूप से हैदराबाद के टोलीचौकी के रहने वाले सैयद सोहेल उद्दीन पिछले दो साल से अपनी पत्नी अमरीन फिरदौस और दो बच्चों के साथ वहाँ रह रहे थे और मॉल के अंदर एक कियोस्क (Kiosk) पर काम करते थे। तभी अचानक एक अमेरिकी नागरिक, जिसकी पहचान पीटर माइकल लार्सन के रूप में हुई है, सोहेल के पास पहुँचता है। बिना किसी बहस या उकसावे के, लार्सन अपनी जेब से चाकू निकालता है और सोहेल पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर देता है। मॉल के भीतर चीख-पुकार मच जाती है और देखते ही देखते सोहेल ख़ून से लथपथ होकर ज़मीन पर गिर जाते हैं।
हमलावर का हैरतअंगेज़ कबूलनामा: "मेरा मक़सद सभी को मारना है!"
इस हमले के बाद जब पुलिस ने आरोपी पीटर लार्सन को गिरफ़्तार किया, तो उसने पूछताछ में जो बयान दिया, उसने जांचकर्ताओं के भी होश उड़ा दिए। लार्सन ने साफ़ तौर पर कबूल किया कि उसने सैयद सोहेल उद्दीन को सिर्फ़ और सिर्फ़ इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह एक मुसलमान हैं।
हमलावर के खौफ़नाक शब्द: लार्सन ने अधिकारियों से कहा, "पीड़ित मुसलमान है, एक उत्प्रेरक (catalyst) है, और मेरा मक़सद सभी मुसलमानों को मारना है।" इस हिंसक और चरमपंथी सोच ने अमेरिका में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। यह साफ़ तौर पर धर्म से प्रेरित एक नफ़रती हमला (Hate Crime) था, जहाँ हमलावर के सिर पर ख़ून सवार था।
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ज़िंदगी और मौत के बीच जंग: कैसी है सोहेल की हालत?
चाकू से कई जगह गोदे जाने के बाद सैयद सोहेल उद्दीन को तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया। उनके शरीर पर गहरे ज़ख़्म थे, जिसके चलते डॉक्टरों को तुरंत उनकी इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, चाकू के कई गंभीर घावों के कारण उनकी हालत अभी भी बेहद नाज़ुक और गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उन पर चौबीसों घंटे कड़ी नज़र रख रही है। पूरा परिवार इस वक़्त सदमे में है और सोहेल की सलामती की दुआएं मांग रहा है।
कोर्ट से लेकर भारत सरकार तक: क्या होगी कड़ी कार्रवाई?
इस बर्बर घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है। आरोपी पीटर माइकल लार्सन पर हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) का संगीन आरोप लगाया गया है और वह फ़िलहाल साल्ट लेक काउंटी जेल में बंद है। अभियोजकों ने उसकी हिंसक प्रवृत्ति और समाज के लिए ख़तरे को देखते हुए अदालत से उसकी ज़मानत अर्ज़ी को सिरे से ख़ारिज करने की पुरज़ोर अपील की है। इस बीच, भारत सरकार भी पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और कहा है कि वे स्थानीय अधिकारियों व पीड़ित के परिवार के लगातार संपर्क में हैं।
हैदराबाद से उठी न्याय की मांग
दूसरी तरफ़, भारत में भी इस मामले को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज़ हो गई है। मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने 16 जुलाई को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक आधिकारिक पत्र लिखकर मांग की है कि केंद्र सरकार तुरंत इस मामले में दखल दे और पीड़ित परिवार को हर संभव सुरक्षा व सहायता सुनिश्चित कराए। पत्र में बताया गया है कि सैयद सोहेल उद्दीन पिछले दो वर्षों से यूटा में अपनी पत्नी अमरीन फिरदौस और दो बच्चों के साथ रह रहे हैं और वहीं कार्यरत हैं। अब देखना यह है कि क्या सोहेल इस मौत के मुंह से बाहर आ पाते हैं और क्या अमेरिकी क़ानून इस नफ़रती सोच को कड़ी से कड़ी सज़ा दे पाएगा।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब अभी बाकी
फिलहाल अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। पुलिस आरोपी की पृष्ठभूमि, उसकी कथित मंशा और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस बीच, भारतीय समुदाय और पीड़ित का परिवार उम्मीद कर रहा है कि जांच निष्पक्ष और तेजी से पूरी होगी तथा दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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