अयोध्या में 1407 एकड़ में ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित की जा रही है। राम मंदिर के पास इस परियोजना में 300 आवासीय प्लॉट आवंटित हो चुके हैं। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल, राज्य भवन और सोलर सिटी की सुविधाओं के साथ यह निवेश और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगी।
अयोध्या। अयोध्या में ग्रीनफील्ड टाउनशिप परियोजना तेजी से विकसित हो रही है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना रामनगरी को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल यह परियोजना अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ निवेश, आवास और आधुनिक सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
1407 एकड़ में फैली परियोजना, 720 एकड़ भूमि पर कब्जा
इस टाउनशिप का कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल लगभग 1407 एकड़ है। इनमें से करीब 720 एकड़ भूमि पर आवास विकास परिषद को भौतिक कब्जा मिल चुका है। यह क्षेत्र श्री राम जन्मभूमि मंदिर से लगभग 4.5 किलोमीटर की दूरी पर, NH-27 बायपास के पास सरयू नदी के तट पर स्थित है। लोकेशन के लिहाज से यह परियोजना धार्मिक और व्यावसायिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भूमि विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेज काम
आवास विकास अधिशासी अभियंता अमन त्यागी के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि विकास, गृहस्थान एवं बाजार योजना, पूरक योजना और प्रथम पूरक योजना के तहत अधिग्रहण कार्य तेजी से चल रहा है। विकास कार्यों में ट्रंक रोड, ट्रंक ड्रेन, केबल डक्ट, बाह्य विद्युतीकरण, आंतरिक सड़कें, सब स्टेशन और पंप हाउस का निर्माण प्रमुखता से किया जा रहा है। इन कार्यों से पूरे क्षेत्र का ढांचा तेजी से आधुनिक स्वरूप ले रहा है और मजबूत नगरीय आधार तैयार हो रहा है।
राज्य भवन और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा
योजना के तहत गुजरात, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गोवा सरकारों को राज्य भवन निर्माण के लिए भूखंड आवंटित किए गए हैं। ये राज्य भवन अयोध्या में अपनी सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करेंगे और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देंगे। इसके अलावा, मठ-आश्रमों के लिए 21 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इससे आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
होटल और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश के अवसर
पर्यटन को ध्यान में रखते हुए होटल निर्माण के लिए 9 प्लॉट आवंटित किए गए हैं। यहां पांच सितारा होटल से लेकर अन्य आधुनिक आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और होटल उद्योग को नया विस्तार मिलेगा।
300 आवासीय भूखंडों का आवंटन पूरा
आवासीय सेक्टर में भी लोगों की खास रुचि देखने को मिल रही है। योजना के तहत 100, 150 और 200 वर्ग मीटर आकार के लगभग 300 आवासीय भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। 2025 के अंत में ड्रॉ और नंबरिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई आवंटियों को औपचारिक आवंटन पत्र मिल चुके हैं। रेरा पंजीकृत इस परियोजना में अंडरग्राउंड यूटिलिटीज, 36 मीटर चौड़ी सड़कें और ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर (तालाबों का विकास) जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
सोलर सिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर फोकस
इस टाउनशिप में हरित क्षेत्र, झीलें, वेलनेस हब, हाईटेक पार्क और सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सेंटर जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप अयोध्या को सोलर सिटी और स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। ‘नव्य अयोध्या’ अवधारणा के तहत आध्यात्मिकता और आधुनिकता के संतुलन पर जोर दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा, हरित क्षेत्र और नवीकरणीय संसाधनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
पर्यटन, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या में पर्यटन और निवेश में तेजी आई है। यह ग्रीनफील्ड टाउनशिप इस विकास को नई ऊंचाई देने का काम करेगी। परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, होटल और आतिथ्य क्षेत्र का विस्तार होगा तथा रियल एस्टेट में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। परिषद की वेबसाइट पर नियमित अपडेट उपलब्ध हैं और आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।
कुल मिलाकर, अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप रामनगरी को विश्वस्तरीय आधुनिक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां प्राचीन विरासत और आधुनिक सुविधाएं साथ-साथ विकसित होंगी। यह योजना उत्तर प्रदेश के शहरी विकास का नया मॉडल साबित हो सकती है।


