गोरखपुर में रामगढ़ताल के किनारे बन रही ताल रिंग रोड परियोजना का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। अधिकारियों को ट्रैफिक कंजेशन खत्म करने, ड्रेनेज सुधारने और सड़क पर जलभराव रोकने के निर्देश दिए। यह 4.20 किमी लंबी सड़क मई 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि ताल रिंग रोड के किसी भी हिस्से में ट्रैफिक जाम या संकुचन (कंजेशन) की स्थिति नहीं दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी प्रकार की बाधा या दिक्कत नजर आए, उसे समय रहते दूर किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर कहीं पानी जमा न हो, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
रामगढ़ताल के किनारे बन रही 4.20 किमी लंबी ताल रिंग रोड परियोजना
शनिवार शाम मुख्यमंत्री ने मोहद्दीपुर से सहारा इस्टेट तक रामगढ़ताल के किनारे बन रही 4.20 किलोमीटर लंबी ताल रिंग रोड का निरीक्षण किया। इस सड़क के निर्माण पर करीब 28.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और आवागमन को आसान करना है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य
ताल रिंग रोड का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ले-आउट, ड्राइंग मैप और वीडियो प्रेजेंटेशन देखकर सड़क परियोजना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शुरुआती हिस्से में ट्रैफिक कंजेशन दूर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क किनारे बने नालों को ढकने और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर करने की भी हिदायत दी, ताकि बरसात या अन्य परिस्थितियों में जलभराव की समस्या न हो।
मई 2026 तक पूरा होगा निर्माण, नई जेटी का भी प्रस्ताव
अधिकारियों ने जानकारी दी कि ताल रिंग रोड का निर्माण कार्य मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। रिंग रोड से जुड़े सहारा इस्टेट क्षेत्र में एक नई जेटी बनाने की भी योजना है, जिससे इलाके का विकास और पर्यटन सुविधाएं बेहतर हो सकें।
सड़क सुरक्षा और ड्रेनेज सुधार पर अतिरिक्त कार्य
रिंग रोड परियोजना के तहत करीब 13.33 करोड़ रुपये की लागत से सड़क किनारे रिटेनिंग वॉल, ड्रेन, एयरवाल्व चैंबर और मेनहोल की ऊंचाई बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। इससे सड़क की मजबूती और सुरक्षा बढ़ेगी, साथ ही जल निकासी व्यवस्था भी बेहतर होगी।


