मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर 33 वैश्विक कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे। लक्ष्य है उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाना और वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी लाना।

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय विदेश दौरे पर सिंगापुर और जापान के लिए रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा है। इसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान में प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के नए अवसरों पर चर्चा होगी।

जी-टू-बी बैठकों में निवेशकों से सीधा संवाद, ‘सीईओ ऑफ यूपी’ की भूमिका में सीएम योगी

इस यात्रा की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) और राउंड टेबल बैठकों के माध्यम से निवेशकों से सीधे बातचीत करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री निवेशकों से परिणाम आधारित संवाद करेंगे। दौरे के दौरान वे प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करेंगे। साथ ही स्कूली बच्चों से भी संवाद कर प्रदेश की विकास यात्रा साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र है। विशाल श्रमबल, बड़ा बाजार और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ के लक्ष्य को मजबूत आधार देता है।

सिंगापुर में 25 वैश्विक कंपनियों से निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा

सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गूगल और एसटीटी ग्लोबल से चर्चा होगी। एग्रीबिजनेस के क्षेत्र में जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल से बातचीत होगी। लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए मैपलट्री और एआई सैट्स से संवाद होगा, जबकि क्लीन और सौर ऊर्जा निवेश पर एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप के साथ चर्चा होगी।

ग्रीनफील्ड वेंचर्स और ड्रीमट्रस्ट के साथ हॉस्पिटैलिटी और थीम पार्क परियोजनाओं पर विचार होगा। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ पैकेजिंग, सेम्बकॉर्प के साथ इंडस्ट्रियल पार्क और सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी के साथ एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।

इसके अलावा टेमासेक, जीआईसी और ब्लैकस्टोन जैसे वैश्विक निवेश फंड्स से पूंजी निवेश पर चर्चा होगी। फुलर्टन फाइनेंशियल, डीबीएस बैंक और वर्टेक्स वेंचर्स के साथ फिनटेक और स्टार्टअप सहयोग पर भी विचार-विमर्श होगा।

जापान में ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश पर फोकस

जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कुबोटा और सुजुकी के साथ निवेश संभावनाओं पर चर्चा होगी। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में टोक्यो इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में तोशिबा और ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन में टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स और नागासे एंड कंपनी से संवाद होगा। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में कनाडेविया और हॉस्पिटैलिटी व रियल एस्टेट निवेश के लिए मारुबेनी के साथ चर्चा की जाएगी।

औद्योगिक नीति, भूमि बैंक और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर प्रस्तुति

जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों में मुख्यमंत्री प्रदेश की औद्योगिक नीति, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और संयुक्त परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। यह दौरा ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा प्रयास

चार दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर वैश्विक निवेशकों के सामने रखेंगे, जहां मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तेज कनेक्टिविटी निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती है। यह दौरा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने और ‘मेक इन यूपी’ को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।