मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के राप्तीनगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत बनी स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया। यूटिलिटी डक्ट और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह सड़क नगर निगम को सालाना दो करोड़ रुपये की आय देगी।

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राप्तीनगर में सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के अंतर्गत निर्मित स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

स्मार्ट सड़क नगर निगम की आय का बनेगी स्थायी स्रोत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मार्ट सड़क बेहतरीन यूटिलिटी डक्ट से युक्त है, जो न केवल आधुनिक शहरी जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि नगर निगम के लिए स्थायी आय का जरिया भी बनेगी। उन्होंने इसे शहर के लिए एक उपयोगी और दूरदर्शी परियोजना बताया।

पार्किंग, ग्रीनरी और यूटिलिटी डक्ट की ली विस्तृत जानकारी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर आयुक्त से स्मार्ट सड़क के सभी पहलुओं की जानकारी ली। इसमें पार्किंग व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच, यूटिलिटी डक्ट, हरियाली और निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया शामिल थी। नगर आयुक्त ने बताया कि यह स्मार्ट सड़क पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित की गई है।

स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट और यूटिलिटी डक्ट की खास व्यवस्था

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि स्मार्ट सड़क में स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यूटिलिटी डक्ट बनाया गया है, जिससे बिजली, गैस और अन्य पाइपलाइन डालने के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यूटिलिटी डक्ट से नगर निगम को होगी सालाना आय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूटिलिटी डक्ट का उपयोग करने वाली संस्थाएं नगर निगम को किराया देंगी। इससे नगर निगम को नियमित आय प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यह स्मार्ट सड़क नगर निगम को सालाना लगभग दो करोड़ रुपये की आय दिलाने में सक्षम होगी।

मॉडल रोड के रूप में अन्य नगर निकायों के लिए बनेगी उदाहरण

सीएम योगी ने कहा कि यह स्मार्ट सड़क एक मॉडल रोड है। इससे अन्य नगर निकायों को भी अपनी आय बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सामूहिक प्रयास और सहयोग होता है, तब शहर, जनपद और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। गोरखपुर में विकास इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।