मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन तेजी से बढ़ा है। पर्यटन नीति-2022, महाकुंभ-2025 और निवेश योजनाओं से 156.18 करोड़ पर्यटक पहुंचे। धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म के विकास से यूपी देश का प्रमुख पर्यटन हब बन रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और मार्गदर्शन में राज्य की समृद्ध विरासत, धार्मिक स्थलों, कला-संस्कृति और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर लगातार काम कर रहा है। इन प्रयासों से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिली है और राज्य तेजी से एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है।
वर्ष 2025 में लगभग 156.18 करोड़ पर्यटकों के आगमन के साथ उत्तर प्रदेश पर्यटकों की संख्या के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। इस उपलब्धि में पर्यटन नीति-2022 का प्रभावी क्रियान्वयन और प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ-2025 का विशेष योगदान रहा है।
पर्यटन नीति-2022 से निवेश और विकास को नई गति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी पर्यटन नीति-2022 ने प्रदेश में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी है। इसके तहत वर्ष 2025 में 12 थीमैटिक सेक्टर्स और 12 पर्यटन सर्किट के विकास की दिशा में काम हुआ। इन क्षेत्रों में 1546 प्रस्तावों के जरिए 34,439 करोड़ रुपये निवेश लक्ष्य हासिल किया गया, जिससे पर्यटन ढांचे को मजबूती मिली और रोजगार के नए अवसर भी बने।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस-2025 पर “समावेशी विकास के लिए पर्यटन” थीम के तहत विभिन्न योजनाओं और नीतियों को आगे बढ़ाया गया, जो उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रिकॉर्ड पर्यटक संख्या: महाकुंभ-2025 का बड़ा योगदान
उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। वर्ष 2024 में प्रदेश में लगभग 64.91 करोड़ पर्यटक आए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 156.18 करोड़ हो गई, जो करीब 140.6% वृद्धि दर्शाती है।
प्रयागराज के महाकुंभ-2025 में 66.30 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए, जिसने पर्यटन को नई ऊंचाई दी। घरेलू पर्यटकों की संख्या में उत्तर प्रदेश वर्ष 2022 से लगातार देश में शीर्ष पर बना हुआ है। वहीं विदेशी पर्यटकों के मामले में भी प्रदेश ने प्रगति की है—2023 में पांचवें स्थान से 2024 में चौथे स्थान तक पहुंच चुका है।

12 थीमैटिक पर्यटन सेक्टर्स से विविध पर्यटन को बढ़ावा
प्रदेश में पर्यटन को विविध रूप देने के लिए 12 प्रमुख थीमैटिक सेक्टर्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- विरासत, कला और सांस्कृतिक पर्यटन
- आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन
- ईको, नेचर और वाइल्डलाइफ पर्यटन
- वेलनेस और मेडिकल पर्यटन
- एमआईसीई (मीटिंग्स, कॉन्फ्रेंस, एक्जिबिशन) पर्यटन
- एडवेंचर और जल आधारित पर्यटन
- कृषि और ग्रामीण पर्यटन
- व्यंजन और जनजातीय पर्यटन
- युवा और वेडिंग डेस्टिनेशन पर्यटन
इन पहलों से प्रदेश में पर्यटन के नए आयाम खुल रहे हैं और निवेश आकर्षित हो रहा है।
ईको टूरिज्म और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 में 49 नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं से जैव-विविधता संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को रोजगार, होमस्टे सुविधाएं और हस्तशिल्प व्यवसाय के अवसर मिल रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
पर्यटन सर्किट और ग्रामीण पर्यटन का विस्तार
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए प्रदेश में 12 विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण पर्यटन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है:
- 85 ग्रामीण होमस्टे पंजीकृत
- 155 टूर ऑपरेटर्स पंजीकृत
प्रदेश की कला, संगीत, शिल्प और लोकनृत्य से जुड़े समूहों को अनुदान देकर सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अयोध्या-वाराणसी-मथुरा-प्रयागराज: वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र
उत्तर प्रदेश अब तेजी से सांस्कृतिक टूरिज्म हब के रूप में उभर रहा है। अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थल वैश्विक स्तर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है बल्कि स्थानीय समुदायों को भी नए अवसर मिल रहे हैं।


