योगी सरकार यूपी में फ्यूचर रेडी तहसीलों का निर्माण कर रही है। अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं, AI, ब्लॉकचेन और ई-गवर्नेंस से राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा। सर्वे और फ्रेमवर्क जून 2026 तक पूरा होगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के राजस्व प्रशासन को आधुनिक, डिजिटल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से फ्यूचर रेडी तहसीलों का निर्माण करा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत राज्य की सभी राजस्व तहसीलों को मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत तहसीलों में अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सेवाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश की राजस्व तहसीलों का सर्वे और फ्रेमवर्क तैयार करने का कार्य प्रगति पर है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।
फ्यूचर रेडी तहसीलें: डिजिटल और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
फ्यूचर रेडी तहसीलों का उद्देश्य प्रदेश में राजस्व सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक कुशल बनाना है। यह योजना ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगी तहसीलें
फ्यूचर रेडी तहसीलों का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल अभियान का विस्तार है। इसके तहत प्रदेश की राजस्व प्रशासन से जुड़ी सभी सेवाओं का चरणबद्ध तरीके से डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है, ताकि सेवाएं सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन सकें।
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश की सभी तहसीलों को फ्यूचर रेडी बनाने को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अंतर्गत तहसीलों में- डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम, ई-फाइलिंग व्यवस्था, स्मार्ट और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित किए जाएंगे।
भूमि रजिस्ट्री से प्रमाण-पत्र तक, सभी सेवाएं होंगी पूरी तरह ऑनलाइन
फ्यूचर रेडी तहसीलों के माध्यम से भूमि रजिस्ट्री, प्रमाण-पत्र जारी करना, नामांतरण और विवाद निपटान जैसी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगी। इससे नागरिकों को राजस्व सेवाएं घर बैठे उपलब्ध होंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी और कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।
सर्वे और फ्रेमवर्क निर्माण का कार्य जारी, जून 2026 तक पूरा होगा
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश की सभी तहसीलों का सर्वे कर उनकी मौजूदा स्थिति, आवश्यक अपग्रेडेशन और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। इसी आधार पर फ्यूचर रेडी तहसीलों का विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। इस कार्य को पूरा करने की अंतिम समयसीमा जून 2026 निर्धारित की गई है।
मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगी तहसीलें
फ्यूचर रेडी तहसीलों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों से युक्त मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को तहसील स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
AI और ब्लॉकचेन से बढ़ेगी डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता
ई-गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए फ्यूचर रेडी तहसीलों में ब्लॉकचेन तकनीक और AI-आधारित सिस्टम को भी शामिल किया जाएगा। इससे-
- डेटा सुरक्षा मजबूत होगी
- फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी
- प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक विश्वसनीय बनेंगी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
राजस्व प्रशासन के डिजिटलाइजेशन से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। भूमि और राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं के सरल होने से निवेश, विकास और रोजगार की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। फ्यूचर रेडी तहसीलें उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के जरिए प्रशासनिक क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी, जिससे नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती मिलेगी।

