Chamoli Tunnel Rescue: चमोली के डीएम गौरव कुमार ने बताया है कि बचाव दल सुरंग के अंदर लगातार और बहुत तेजी से तलाशी अभियान चला रहे हैं।

Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मंगलवार को एक और मजदूर का शव बरामद किया गया। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। वहीं, एक लापता मजदूर की तलाश अब भी जारी है।

13 अगस्त को हुआ था बड़ा हादसा

यह हादसा 13 अगस्त को उस समय हुआ था, जब निर्माणाधीन सुरंग में अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, एक जलभृत (Aquifer) के फटने से सुरंग में तेज पानी और मलबे का बहाव आया, जिससे वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे।

12 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया

रेस्क्यू टीमों ने अब तक 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हादसे के बाद से लगातार सुरंग के अंदर जमा पानी, कीचड़ और मलबे को हटाने का काम चल रहा है। एक मजदूर की तलाश के लिए बचाव अभियान को और तेज किया गया है।

सुरंग से पानी और कीचड़ निकालने का काम जारी

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सुरंग के अंदर लगातार और गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल जमा हुए कीचड़ को हटाने के साथ-साथ सुरंग से पानी बाहर निकालने का काम भी कर रहे हैं।

सक्शन पंप और दूसरे उपकरण लगाए गए

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए सक्शन पंप और अन्य जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सुरंग के अंदर बचाव दल की आवाजाही आसान करना और उन संभावित स्थानों तक पहुंचना है, जहां लापता मजदूर के फंसे होने की आशंका है।

सुरंग में कैसे घुसा पानी और मलबा?

प्रारंभिक जांच के अनुसार करीब 3 किलोमीटर लंबी सुरंग के प्रवेश द्वार से लगभग 1.44 किलोमीटर अंदर पानी का दबाव बढ़ गया था। बारिश के कारण आसपास की पहाड़ियों का पानी जमीन के भीतर मौजूद जलभृत तक पहुंचा और चट्टान के कमजोर हिस्से को तोड़ते हुए सुरंग में घुस गया।

तेज बहाव ने मजदूरों को दिया झटका

हादसे से बचाए गए मजदूरों के मुताबिक, उन्हें पहले तेज हवा के झोंके जैसा महसूस हुआ। इसके बाद अचानक कीचड़, बड़े पत्थर और पानी सुरंग के अंदर तेजी से आने लगे। पानी के दबाव से कुछ मजदूर सुरंग के मुहाने की ओर धकेले गए, जबकि कई अन्य अंदर मलबे में फंस गए।

रेस्क्यू अभियान की लगातार समीक्षा

सोमवार को गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने गोपेश्वर में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बचाव अभियान की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को लापता मजदूर की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए।

एक मजदूर की तलाश अब भी सबसे बड़ी प्राथमिकता

अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के अंदर सभी संभावित स्थानों पर खोज अभियान चलाया जा रहा है। मलबा और पानी हटाने का काम लगातार जारी है। प्रशासन ने लापता मजदूर को ढूंढना रेस्क्यू टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है।