गुजरात के वडोदरा में एक महिला और उसके दो बच्चों ने 33 लाख के कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। घर से तीन सुसाइड नोट मिले हैं जिनमें आर्थिक तंगी का जिक्र है। एक साल पहले पति की मौत के बाद परिवार अस्पताल चला रहा था। जानिए पूरी खबर के पीछे का सच क्या है?
Gujarat Suicide Case: गुजरात के वडोदरा में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। 47 वर्षीय महिला और उनके बेटे और बेटी के शव घर में मिले। पुलिस को मौके से तीन अलग-अलग सुसाइड नोट भी मिले हैं। इनमें पैसों के लेन-देन और करीब 33 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र है। परिवार पर कार की किस्तें भी बकाया थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आर्थिक परेशानी ही इस घटना की वजह थी या इसके पीछे कोई दूसरी परिस्थिति भी थी।
वडोदरा में क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
वडोदरा में हुई इस दर्दनाक घटना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- मृतकों की पहचान: जान गंवाने वालों में 47 वर्षीय आरतीबेन सोनी, उनका 24 वर्षीय बेटा नीलकंठ सोनी और 22 साल की बेटी जेनी सोनी शामिल हैं।
- शवों का मिलना: तीनों के शव घर के अलग-अलग हिस्सों में फंदे से लटके हुए मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: एसीपी जीबी बभानिया ने पुष्टि की है कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह फांसी लगाना ही सामने आई है, हालांकि विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सुसाइड नोट में मिला 33 लाख के कर्ज और तंगी का जिक्र
पुलिस की तलाशी के दौरान घर से तीन अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद हुए हैं, जिनसे इस सामूहिक आत्महत्या की वजह साफ होती है:
- 33 लाख का कर्ज: परिवार पर कुल 33 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज था, साथ ही दो कारों की किस्तें भी बकाया चल रही थीं।
- घर बेचने की चर्चा: आर्थिक तंगी से परेशान होकर परिवार ने स्थिति सुधारने के लिए अपना घर तक बेचने की बात सोची थी।
- व्यवसाय और पारिवारिक पृष्ठभूमि: परिवार पिछले डेढ़-दो साल से 'जैप्स हेल्थ केयर' नाम से एक आयुर्वेदिक अस्पताल चला रहा था। लगभग एक साल पहले आरतीबेन के पति चेतनभाई की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी, जिसके बाद माँ और दोनों बच्चे मिलकर काम संभाल रहे थे।
मानसिक तनाव और पुलिस की आगे की जांच
- पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हाल के वर्षों में परिवार के कई सदस्यों (माता-पिता, भाई और पति) की लगातार मौतों ने आरतीबेन को पूरी तरह तोड़ दिया था। फिलहाल पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए मोबाइल फोन और अन्य सबूत कब्जे में ले लिए हैं।
हेल्पलाइन: (यदि आपको या आपके किसी परिचित को मानसिक तनाव या सहायता की आवश्यकता है, तो आप वंद्रेवाला फाउंडेशन (9999666555) या टेलीमानस (14416) जैसी हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।)






