VCK and IUML Support Clears Path for Vijay: तमिलनाडु में विजय की TVK सरकार का रास्ता साफ हो गया है। VCK और IUML के समर्थन के बाद पार्टी का आंकड़ा 120 पहुंच गया है। अब विजय के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई है। जानिए तमिलनाडु की राजनीति का पूरा समीकरण।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय अब सत्ता की दहलीज पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को शनिवार को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला, जब विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने बिना किसी शर्त के सरकार गठन में साथ देने का फैसला किया। इसके साथ ही इंडियन मुस्लिम लीग (IUMLS) ने भी समर्थन का ऐलान कर दिया है। अब टीवीके के समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़कर 120 तक पहुंच गई है, जिससे विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावना काफी मजबूत हो गई है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पहले ही राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया था। लंबे समय से सत्ता की मुख्य लड़ाई DMK और AIADMK के बीच देखी जाती रही है, लेकिन इस बार विजय की पार्टी TVK ने दोनों दिग्गज दलों को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर सभी को चौंका दिया।
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बहुमत से पीछे थी TVK, अब समर्थन से मजबूत हुई स्थिति
4 मई को आए चुनावी नतीजों में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से पार्टी 10 सीट पीछे रह गई थी। इसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई और कई दलों के समर्थन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
सबसे पहले कांग्रेस के पांच विधायकों ने टीवीके को समर्थन दिया। इसके बाद CPI और CPM के दो-दो विधायकों का साथ मिला, जिससे समर्थन का आंकड़ा 116 पहुंच गया। अब VCK और IUMLS के समर्थन के बाद विजय की सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम VCK की अहम बैठक हुई, जिसमें टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से विजय के नेतृत्व को समर्थन देने पर सहमति बनी। खास बात यह रही कि वीसीके ने बिना किसी शर्त के समर्थन देने का फैसला किया।
विजय के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा जोरों पर है कि विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार, रोजगार और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। यही वजह रही कि पहली बार चुनावी मैदान में उतरी उनकी पार्टी को युवाओं और शहरी वोटरों का जबरदस्त समर्थन मिला।
टीवीके की ओर से भी सरकार गठन की तैयारियों के संकेत मिलने लगे हैं। पार्टी नेता अर्जुन ने समर्थन देने वाली सभी पार्टियों का आभार जताते हुए कहा कि अब विजय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं और जनता के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
AIADMK चीफ के बयान से बढ़ी थीं अटकलें
सरकार गठन को लेकर राजनीतिक अटकलें उस समय और तेज हो गई थीं, जब AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर नई सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी थी। उनके इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने अप्रत्यक्ष संकेत माना।
पलानीस्वामी ने अपने संदेश में कहा था कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न दलों ने हिस्सा लिया और जनता ने अपना जनादेश दिया। उन्होंने सरकार बनाने वाली पार्टी को शुभकामनाएं दीं। उनके इस बयान के बाद यह साफ संकेत मिलने लगे थे कि राज्य की राजनीति में तेजी से समीकरण बदल रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर विजय मुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी। पिछले कई दशकों से राज्य की राजनीति कुछ पारंपरिक दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस चुनाव ने साबित कर दिया कि जनता अब नए विकल्प तलाश रही है।
विजय की लोकप्रियता, उनकी साफ छवि और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ ने TVK को बहुत कम समय में सत्ता के करीब पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘थलापति’ विजय अब सचमुच सत्ता के सिंहासन तक पहुंच जाएंगे।
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