UPI AutoPay Alert Viral Post: Linkedin पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें बताया गया कि कैसे मां को UPI यूज सिखाते वक्त शख्स को बड़ा झटका लगा। कैसे उसकी मां AutoPay ट्रैप का शिकार हो रही थी? देखें वायरल पोस्ट।

Viral Linkedin Post: डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। लेकिन इसी सुविधा के साथ कुछ ऐसे जोखिम भी जुड़े हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग समय रहते समझ नहीं पाते। मुंबई के एक शख्स के साथ हुई एक घटना ने यही सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि क्या हम UPI इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी शर्तों को सही तरह से समझ भी रहे हैं?

मां को UPI का इस्तेमाल बताते वक्त मिला बड़ा झटका

दरअसल, मुंबई निवासी और नायका में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (ब्रांड मैनेजमेंट) के पद पर काम कर रहे लोकेश आहूजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने अपनी मां को UPI इस्तेमाल करना सिखाया था। इसी दौरान जब उन्होंने उनकी UPI सेटिंग्स देखीं तो उन्हें कई एक्टिव AutoPay Mandates दिखाई दिए। जब उन्होंने मां से पूछा कि ये किस सर्विस के लिए हैं, तो जवाब मिला कि उन्होंने किसी भी तरह का सब्सक्रिप्शन नहीं लिया है।

फ्री ट्रायल खत्म, लेकिन पैसे कटने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी

जांच करने पर पता चला कि ये सभी AutoPay Mandates उन फ्री ट्रायल ऑफर्स से जुड़े थे, जिनमें शुरुआत के कुछ दिन या एक महीना मुफ्त दिया जाता है। हालांकि, उसी समय यूजर से हर महीने अपने-आप पैसे काटने की अनुमति भी ले ली जाती है। अगर तय समय पर सब्सक्रिप्शन कैंसिल नहीं किया जाए तो ट्रायल खत्म होने के बाद अकाउंट से हर महीने तय रकम कटनी शुरू हो जाती है। लोकेश के मुताबिक, ₹79 या ₹99 जैसी छोटी रकम अक्सर लोगों की नजर से इसलिए बच जाती है क्योंकि बैंक स्टेटमेंट में पहले से ही कई UPI ट्रांजैक्शन मौजूद होते हैं। ऐसे में नियमित कटने वाला चार्ज लंबे समय तक अनदेखा रह सकता है। नीचे देखें वायरल पोस्ट-

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आज की सबसे बड़ी जरूरत है डिजिटल समझदारी

अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट की दुनिया में सबसे बड़ा खतरा गलत चीज खरीद लेना नहीं, बल्कि बिना पूरी जानकारी के किसी शर्त से सहमत हो जाना है। AutoPay, ऐप परमिशन, लोकेशन एक्सेस और रिकरिंग सब्सक्रिप्शन जैसे विकल्प कुछ सेकंड में स्वीकार हो जाते हैं, लेकिन इनका असर कई महीनों तक बना रह सकता है। उन्होंने भावुक अंदाज में लिखा कि कभी माता-पिता बच्चों को सड़क पार करना सिखाते थे, लेकिन अब बच्चों की जिम्मेदारी है कि वे अपने माता-पिता को इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहना सिखाएं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने भी जताई चिंता

इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने कहा कि कई पेमेंट पेज पर वन-टाइम पेमेंट का विकल्प साफ नहीं दिखता और सीधे AutoPay की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें भी तब पता चला जब अगले महीने पैसे कट चुके थे। कई यूजर्स का मानना है कि डिजिटल पेमेंट जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी डिजिटल जागरूकता भी है।

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कैसे बचें अनचाहे AutoPay से?

  • समय-समय पर UPI ऐप में जाकर Active AutoPay Mandates की जांच करें।
  • फ्री ट्रायल लेते समय उसकी शर्तें और ऑटो डेबिट की अनुमति जरूर पढ़ें।
  • जिस सर्विस का इस्तेमाल नहीं करना है, उसका AutoPay तुरंत रद्द कर दें।
  • परिवार के बुजुर्गों को भी UPI और डिजिटल सब्सक्रिप्शन से जुड़े नियम सरल भाषा में समझाएं।

आज के दौर में डिजिटल साक्षरता का मतलब सिर्फ UPI चलाना सीखना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि आपने किस सेवा को भविष्य में अपने बैंक खाते से पैसे काटने की अनुमति दी है। थोड़ी-सी सावधानी आपको लंबे समय तक होने वाले अनचाहे खर्च से बचा सकती है।