खैबर पख्तूनख्वा में एक व्यक्ति ने अपनी फ्रांसीसी पत्नी और 5 बच्चों को 10 साल से अधिक समय तक कैद कर प्रताड़ित किया। बेटे की सूचना पर पुलिस ने परिवार को बचाया और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें फ्रांस भेजने की कोशिशें जारी हैं।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने अपनी फ्रांसीसी पत्नी और पांच बच्चों को एक दशक से भी ज़्यादा समय तक घर में कैद रखा और उन पर बेइंतहा ज़ुल्म किए। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। फ्रांसीसी महिला सिल्वी यास्मिना और उनके बच्चों को पुलिस ने एक बेहद साहसी ऑपरेशन में बचाया। यास्मिना ने पुलिस को बताया कि उनका पति उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित करता था। 

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यह परिवार खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक दूर-दराज गांव 'बारा' में एक टूटे-फूटे घर के एक कमरे में कैद था। जब माता-पिता की नज़र हटी, तो सबसे बड़ा बेटा किसी तरह घर से भाग निकला और सीधे पुलिस स्टेशन पहुंच गया। उसकी सूचना पर पुलिस ने घर पर छापा मारा। पुलिस जब वहां पहुंची तो यास्मिना और बच्चों के शरीर पर चोटों के निशान थे। उन्हें फौरन पेशावर के एक महिला आश्रय गृह में शिफ्ट किया गया। अब फ्रांसीसी दूतावास की मदद से उन्हें वापस फ्रांस भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। 

यास्मिना ने बताया कि वे 2014 में ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान आए थे। तब से ही उनके पति ने उन्हें कैद कर रखा है। यह परिवार 12 साल से एक ही कमरे में बंद था। उन्हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी। कैद की वजह से बड़े दो बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। वहीं, पाकिस्तान में पैदा हुए तीन छोटे बच्चों का कभी स्कूल में दाखिला ही नहीं कराया गया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आरोपी पति का नाम उजागर नहीं किया है।

बताया जा रहा है कि वह पहले ऑस्ट्रेलिया में अवैध रूप से रह रहा था। वहीं उसकी मुलाकात फ्रांसीसी नागरिक यास्मिना से हुई। दोनों ने 2003 में शादी कर ली। 2014 तक वे ऑस्ट्रेलिया में रहे और फिर दो बच्चों के साथ पाकिस्तान आ गए। यास्मिना के मुताबिक, पाकिस्तान आने के बाद से उनका परिवार बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया था।