एक वायरल तस्वीर बराबरी, ज़रूरत और इंसाफ़ के बीच का अंतर समझाती है। इसमें एक पिता मैच देखने के लिए अपना बॉक्स बेटे को दे देता है। पोस्ट का सार है कि समाज में बराबरी और ज़रूरत से ज़्यादा महत्वपूर्ण इंसाफ़ है।
सोशल मीडिया (Social Media) पर एक तस्वीर वाली पोस्ट (Viral Post) इन दिनों खूब वायरल हो रही है। यह पोस्ट इंसानों की बनाई इस दुनिया में बराबरी, भाईचारा, हमदर्दी जैसे कई मुद्दों पर बात करती है। हम अक्सर बराबरी-गैर-बराबरी, भाईचारा-दुश्मनी, इंसाफ़-नाइंसाफी जैसे शब्द सुनते हैं। लेकिन कई लोगों का मानना है और कुछ का तो अनुभव भी है कि ये शब्द सिर्फ़ कहने-सुनने के लिए हैं, असल ज़िंदगी में नहीं दिखते। रोज़मर्रा की ज़िंदगी के इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल करके एक फैमिली की तस्वीर बनाई गई है, जो अब सोशल मीडिया पर छाई हुई है।

पति, पत्नी और बेटा एक स्पोर्ट्स मैच देख रहे हैं
तस्वीर में एक परिवार है - पति, पत्नी और उनका बेटा। तीनों एक लकड़ी की बाड़ के पीछे से स्पोर्ट्स मैच देखने की कोशिश कर रहे हैं। पति की हाइट लंबी है, पत्नी की उनसे थोड़ी कम है और बेटा तो सबसे छोटा है। तीनों के पैरों के नीचे लकड़ी के बॉक्स रखे हैं ताकि वो मैच देख सकें। लंबे कद वाले पति को तो बिना बॉक्स के भी मैच दिख रहा है। पत्नी एक बॉक्स पर खड़ी होकर मैच देख पा रही है। लेकिन बेचारा छोटा बच्चा, उसे एक बॉक्स का सपोर्ट मिलने के बाद भी कुछ नहीं दिख रहा।
अब यहाँ जो होना चाहिए था, वही हुआ। पति, यानी पिता ने अपने पैरों के नीचे रखा बॉक्स अपने बेटे को दे दिया और खुद ज़मीन पर खड़े हो गए। अब बेटे के पास दो बॉक्स हैं, माँ के पास एक, और पिता के पास कोई नहीं। इस तरह अब तीनों आराम से मैच देख पा रहे हैं। इस तस्वीर पर कुछ टेक्स्ट भी लिखा है, जो लोगों का ध्यान खींच रहा है।

कैप्शन बहुत कुछ कह रहे हैं
इस तस्वीर के वायरल होने की वजह है इसके कैप्शन, जो बहुत गहरी बातें कह रहे हैं। ये तस्वीरें बराबरी (Equality), ज़रूरत (Equity) और इंसाफ़ (Justice) जैसे मुद्दों पर रोशनी डालती हैं। पोस्ट का सार ये है कि समाज में हर किसी को इंसाफ़ मिलना ही चाहिए। बराबरी और ज़रूरत से ज़्यादा ज़रूरी इंसाफ़ है। क्योंकि जब इंसाफ़ होता है, तो वो बराबरी और ज़रूरत की सीमाओं से परे होता है। यही इंसानियत है और यही संदेश यह वायरल तस्वीर पूरी दुनिया को दे रही है।
यह वायरल तस्वीर बहुत से लोगों, खासकर समझदार लोगों को अपनी ओर खींच रही है और इसे खूब शेयर और लाइक किया जा रहा है। इसे देखने वाला एक पल के लिए सोचने पर मजबूर हो जाता है। यह बात साफ़ समझ आती है कि समाज में बराबरी और ज़रूरतें पूरी करने से ज़्यादा, इंसाफ़ की ज़रूरत है। आज जब समाज में बहुत से लोग नाइंसाफी से परेशान हैं, तब यह वायरल पोस्ट उन्हें सोचने और समाधान की एक नई रोशनी देती है।

हाँ, शायद एक दिन हमारा समाज ऐसा ही हो। जहाँ बराबरी या ज़रूरत से ज़्यादा, इंसाफ़ को तवज्जो दी जाए और किसी तरह की बंदिश न हो। हर किसी को हर हाल में इंसाफ़ मिले। सबको बराबर हिस्सा या ज़रूरतें पूरी करने से ज़्यादा, एक ऐसा माहौल मिले जहाँ सब आज़ादी से जी सकें। यही बात यह वायरल तस्वीर कह रही है। जिस दिन ऐसा सच में होगा, उसी दिन इंसान और समाज सुख-शांति से जी पाएगा। लेकिन सवाल यह है कि वो दिन कब आएगा? फिलहाल तो यह एक ऐसा सवाल है जिसका कोई जवाब नहीं, है ना?
