Volvo Cars Layoffs: वोल्वो कार्स दुनियाभर में 2,500 नौकरियां कम करने की तैयारी में है। तीसरी तिमाही में 3.7 अरब क्राउन का परिचालन घाटा हुआ और कैश आउटफ्लो दोगुना हो गया। शेयर 24% गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचे। जानिए इस छंटनी की मुख्य वजहें।

Volvo Cars Layoffs: ग्लोबल ऑटोमोबाइल मार्केट में मंदी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की गिरती मांग के बीच दिग्गज कार निर्माता कंपनी वोल्वो कार्स (Volvo Cars) ने बड़े पैमाने पर छंटनी का फैसला किया है। तीसरी तिमाही में भारी नुकसान, कैश की किल्लत और शेयरों में 24% की ऐतिहासिक गिरावट के बाद कंपनी अब दुनिया भर से 2,500 नौकरियां खत्म करने जा रही है।

वोल्वो क्यों कर रही 2,500 नौकरियां कम? (Volvo Cars Job Cuts Reasons)

  • स्वीडन और ग्लोबल ऑफिस में असर: वोल्वो स्वीडन में अपने मुख्यालय से 2,000 और अंतरराष्ट्रीय सेंटरों से 500 नौकरियां खत्म करेगी, जो इसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 6% है।
  • 2027 तक पूरा होगा प्लान: सीईओ हाकान सैमुएलसन के मुताबिक, यह छंटनी कंसल्टेंट कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म करके, रिटायरमेंट और एग्जिट पैकेज के जरिए 2027 के मध्य तक पूरी की जाएगी।
  • शेयरों में रिकॉर्ड गिरावट: निराशाजनक नतीजों के बाद वोल्वो कार्स के शेयर शुक्रवार को 24% टूटकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।

रिकॉर्ड घाटा और दोगुना हुआ कैश बर्न (Volvo Cars Q3 Loss Financial Crisis)

  • 373 मिलियन डॉलर का घाटा: जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को 3.7 बिलियन स्वीडिश क्राउन (373 मिलियन डॉलर) का ऑपरेटिंग लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी दौरान मुनाफा हुआ था।
  • कैश आउटफ्लो हुआ दोगुना: तीसरी तिमाही में कंपनी का नकद खर्च बढ़कर 8.9 बिलियन स्वीडिश क्राउन पहुंच गया, जो 2025 की समान अवधि से दोगुना है।
  • राजस्व और मार्जिन में भारी गिरावट: विश्लेषकों के अनुमान के विपरीत कंपनी का रेवेन्यू करीब आधा रह गया और ग्रॉस मार्जिन घटकर 14.7% पर आ गया।

चीनी कंपनियों से मुकाबला और EV संकट (Electric Vehicle Demand Slowdown)

  • चीन और टैरिफ की मार: गीली होल्डिंग (Geely Holding) के स्वामित्व वाली वोल्वो को EV की अनिश्चित मांग, नए टैरिफ और चीनी कंपनियों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
  • 5 अरब क्राउन की लागत में कटौती: रिकवरी प्लान के तहत कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग खर्चों में 5 बिलियन स्वीडिश क्राउन की अतिरिक्त कटौती की पहचान की है।
  • पूरे ऑटो सेक्टर पर संकट: केवल वोल्वो ही नहीं, बल्कि यूरोप की अन्य दिग्गज कार कंपनियां भी संकट में हैं। जैसे वोक्सवैगन (Volkswagen) भी करीब 1 लाख नौकरियां खत्म करने और फैक्ट्रियां बंद करने की योजना बना रही है।