Amit Shah On TMC Corruption: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 91.83% रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ। वोटिंग खत्म होते ही अमित शाह ने TMC पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा—भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब चुका है। CEC ज्ञानेश कुमार ने भी मतदाताओं को सलाम किया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग खत्म होते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां रिकॉर्ड मतदान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।

गुरुवार को मतदान समाप्त होने के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक सूर्यास्त का वीडियो साझा किया। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा—“TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब चुका है।” उन्होंने यही संदेश बंगाली भाषा में भी पोस्ट किया, जिससे साफ संकेत मिला कि बीजेपी बंगाल में सत्ता परिवर्तन को लेकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।

Scroll to load tweet…

यह भी पढ़ें: बॉयफ्रेंड को BDSM रोल प्ले के बहाने बांधा, फिर जिंदा जला दिया: बेंगलुरु मर्डर की पूरी कहानी

पहले चरण में 91.83% मतदान, बना नया रिकॉर्ड

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में 91.83 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा न सिर्फ इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है, बल्कि आजादी के बाद अब तक के सबसे अधिक मतदान प्रतिशतों में शामिल है। मतदान शाम 6 बजे समाप्त हुआ। कई विधानसभा क्षेत्रों में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। भारी गर्मी और उमस के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार की वोटिंग ने 2021 विधानसभा चुनाव के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। 2021 में पश्चिम बंगाल में कुल 85.2 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।

CEC ज्ञानेश कुमार बोले—हर वोटर को सलाम

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में आजादी के बाद सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ है। चुनाव आयोग दोनों राज्यों के हर मतदाता को लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए सलाम करता है।” यह बयान बताता है कि इस बार मतदाताओं की भागीदारी ने चुनाव आयोग को भी प्रभावित किया है।

अमित शाह का TMC पर सीधा हमला

मतदान खत्म होते ही अमित शाह का यह बयान राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्यास्त के वीडियो के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि TMC का राजनीतिक प्रभाव अब समाप्ति की ओर है। बीजेपी लगातार ममता बनर्जी सरकार पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगाती रही है। अमित शाह की यह पोस्ट उसी आक्रामक चुनावी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत को बीजेपी अपने पक्ष में माहौल बनने के संकेत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ मतदान

पहले चरण की वोटिंग के दौरान निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। कई क्षेत्रों में तनाव की आशंका के बावजूद अधिकांश स्थानों पर मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित रही। प्रशासन ने लगातार निगरानी रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए त्वरित व्यवस्था की गई।

बाकी 142 सीटों पर 29 मई को मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाकी 142 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 29 मई को कराया जाएगा। इसके बाद 4 मई को मतगणना होगी और राज्य की नई राजनीतिक तस्वीर सामने आएगी। पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग ने साफ कर दिया है कि इस बार चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि जनभावना का बड़ा परीक्षण भी है।

गुजरात और महाराष्ट्र उपचुनावों के आंकड़े भी आए सामने

इसी दौरान गुजरात और महाराष्ट्र में हुए उपचुनावों के मतदान प्रतिशत भी सामने आए।

  • गुजरात के उमरेठ विधानसभा क्षेत्र में 58.59% मतदान
  • महाराष्ट्र के राहुरी में 54.96% मतदान
  • बारामती में 56.72% मतदान

हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के रिकॉर्ड मतदान को लेकर ही रही।

बंगाल की राजनीति में नया संकेत?

91.83 प्रतिशत मतदान सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत भी है। जब मतदाता इतनी बड़ी संख्या में घरों से निकलते हैं, तो इसका सीधा मतलब होता है कि जनता बदलाव, जवाबदेही और अपने भविष्य को लेकर गंभीर है। अब सभी की नजर 29 मई के अगले चरण और फिर 4 मई की मतगणना पर टिकी है, जहां तय होगा कि क्या अमित शाह का “सूर्यास्त वाला संदेश” सिर्फ चुनावी बयान था या वास्तव में बंगाल की राजनीति में नया सवेरा आने वाला है।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ मतदान: आजादी के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग