पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में 15 बूथों पर पुनर्मतदान के दौरान अचानक तनाव और हिंसा भड़क उठी। फलता विधानसभा क्षेत्र में TMC और BJP समर्थकों के बीच टकराव ने माहौल को रहस्यमय बना दिया। केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। चुनाव आयोग की निगरानी के बावजूद डराने-धमकाने के आरोप और केस दर्ज होने से स्थिति और भी संदिग्ध बनी हुई है।
South 24 Parganas Election Clash News: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार को उस समय तनाव फैल गया जब 15 बूथों पर दोबारा मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति अचानक बिगड़ गई और तृणमूल कांग्रेस (TMC) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच तीखी झड़पें शुरू हो गईं। फलता विधानसभा क्षेत्र में हालात सबसे अधिक संवेदनशील बताए जा रहे हैं, जहां कई स्थानों पर टकराव और नारेबाजी की घटनाएं सामने आईं।
केंद्रीय बलों की एंट्री, लाठीचार्ज से स्थिति नियंत्रण में
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
“कुछ लोगों को डराने-धमकाने की शिकायतें मिली हैं”-प्रशासन
दक्षिण 24 परगना के एडिशनल एसपी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
दोबारा मतदान के बीच बढ़ता सियासी तनाव, माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात
जिन 15 बूथों पर दोबारा मतदान हो रहा है, वहां माइक्रो-ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है ताकि हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। चुनाव आयोग की ओर से यह कदम पहले हुई अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया गया था। हालांकि, जमीनी हालात ने एक बार फिर मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव आयोग की नजर, कोलकाता में भी बढ़ी हलचल
कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय से भी लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि स्थिति और न बिगड़े। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल मतदान प्रक्रिया को जारी रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सस्पेंस बरकरार: क्या फिर से शांत हो पाएगा मतदान माहौल?
घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या बचे हुए मतदान समय में स्थिति पूरी तरह सामान्य रह पाएगी या फिर तनाव और बढ़ेगा। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा बल हालात को नियंत्रण में रखने के प्रयासों में जुटे हैं, लेकिन राजनीतिक टकराव ने माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है।


