Bhopal ACP Monica Shukla :भोपाल में किसान आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश में 2009 बैच की IPS अधिकारी और ACP मोनिका शुक्ला के साहस की खूब सराहना हो रही है। कैसे वह प्रदर्शनकारियों की बस के सामने दीवार बन गईं। आखिर में किसानों को पीछे हटना पड़ा।

भले ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 3 दिन से जारी किसान आंदोलन खत्म हो गया है। लेकिन इस हड़ताल के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा भोपाल की एसीपी मोनिका शुक्ला की हो रही है। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर बस को आगे बढ़ाने लगे तभी महिला पुलिस अफसर बस के सामने जाकर दीवार की तरह खड़ी हो गई और एक फीट भी उसे आगे नहीं बढ़ने दिया।

बस को एक फीट तक आगे नहीं बढ़ने दिया

एसीपी मोनिका शुक्ला के जज्बे और हौसली की हर तरफ तारीफ हो रही है। कैसे जब किसान सीएम आवास की तरफ कूच करने लगे जगह जगह लगे बैरिकोड हटाने लगे। पुलिस को समझ नहीं आ रहा था कि अब इनको कैसे रोका जाए। तभी शुक्ला फैलाद की तरह बस के आगे खड़ी हो गईं। इस दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह तक नहीं की। जिसके कारण बस एक फीट भी आगे नहीं बढ़ सकी। अंत में प्रदर्शनकारी बस छोड़कर चले गए।

कौन हैं एसीपी मोनिका शुक्ला

मोनिका शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर की 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। लेकिन इससे पहले भी वह मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी थीं। 1994 में पहली बार वह पुलिस अधिकारी बनीं। वर्तमान में वह भोपाल सिटी में बतौर एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध और मुख्यालय) के पद पर तैनात हैं। मूल रूप से भी वह मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। 23 सितंबर 2015 को उन्होंने आईपीएस में सेवा शुरू की थी। वह मध्य प्रदेश के कई जिलों (जैसे शाजापुर, विदिशा आदि) में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात रह चुकी हैं। उनके पति भी आईपीएस और उन्हीं के बैच के अधिकारी हैं।

इंडियन पुलिस मेडल से हो चुकी हैं सम्मानित

बता दें कि भोपाल की एसीपी मोनिका शुक्ला की गिनती मध्य प्रदेश के तेजतर्रार अफसरों में होती है। जिनका नाम सुनते ही अपराधी भाग उठते हैं। उनके साहस और ड्यूटी के प्रति लगन की सराहना इससे पहले भी कई बार हो चुकी है। इतना ही नहीं 2021 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए इंडियन पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था