Jitu Patwari Arrest Warrant : दो साल पुराने 2024 लोकसभा चुनाव में दिए विवादित बयान के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अदालत ने पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को ग्वालियर की विशेष MP/MLA कोर्ट में खुद को सरेंडर कर दिया। बता दें कि 1 जुलाई को ग्वालियर की एक MP-MLA कोर्ट ने पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है।
पटिवारी को अभी जमानत..लेकिन जेल भी हो सकती है?
बता दें कि सरेंडर के बाद ग्वालियर की अदालत ने सुनवाई करते हुए जीतू पटवारी को 25 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। वहीं अब इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी। इस तारीख में उन पर आरोप तय किए जा सकते हैं। अगर सभी आरोप सही निकले तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और जेल की सजा भी सुनाई जा सकती है।
क्या है जीतू पटिवारी को वो मामला जिसमें मिला वारंट?
- यह पूरा मामला दो साल पुराना यानि अप्रैल 2024 का है। जब लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पटवारी ने भिंड में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार देवाशीष जरारिया पर चुनाव को प्रभावित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सांठगांठ और पैसों के लेन-देन का आरोप लगाया था।
- मामला तब और चर्चा में आ गया जब BSP उम्मीदवार देवाशीष जरारिया के प्रतिनिधि अशोक गुप्ता ने 4 मई, 2024 को भिंड के उमरी पुलिस स्टेशन में पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद निचली अदालत ने जीतू पटवारी को 16 जनवरी, 2026 को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई।
कौन हैं जीतू पटिवारी?
19 नवंबर 1973 जन्में जीतू पटिवारी मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक सीनियर लीडर हैं। वह उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामलों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। विधायक का चुनाव हारने के बाद उन्हें स्टेट प्रिसिडेंट बनाय गया है। वह कई बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार मिली। इंदौर में उनकी खासी लोकप्रियता है। छात्र जीवन से उन्होंने राजनीति में कदम रखा और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए। वह पहली बार 2013 में राव विधानसभा से विधायक बने थे। वे गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी भी रह चुके हैं।


