CJP Jantar Mantar Protest : सोनम वांगचुक ने भले ही भूख हड़ताल खत्म कर दी है। लेकिन कॉकरोज जनता पार्टी और अभिजीत दिपके का हजारों युवाओं के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन जारी है। इसी बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष मोदी सरकार के बुलावे पर बातचीत करने पहुंचे हैं।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26वें दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जिंतेंद्र सिंह की मौजूदगी और उनके मांग के आश्वासन पर सूप पीकर अपना आमरण अनशन खत्म किया। लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर मंतर पर विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच आज सीजेपी और सरकार के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दूसरी बार बातचीत जारी है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रियों के साथ मीटिंग में पहुंचे हैं।

कौन हैं सौरव दास

  • सोशल एक्टिविज़्म सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी से से जुड़ने स पहले वह एक जाने माने रिपोर्टर थे। जो देश के कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर पैनी रिपोर्टिंग करते थे। वह नवंबर 2025 में दिल्ली के इंडिया गेट पर जो प्रदूषण विरोधी बड़ा आंदोलन हुआ था, उसका नेतृत्व उन्होंने किया था।
  • सौरव दास सबसे पहले उस वक्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान सूचना के अधिकार (RTI) और अदालती कार्यवाही के जरिए 'आरोग्य सेतु ऐप' के विकास और उसके संचालन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सार्वजनिक की थीं, जिसके बाद वह नेशनल लेवल पर सुर्खियों में आ गए थे। सोशल मीडिया पर उन्हें लाखों लोग फॉलो करते हैं। आज वह करोड़ों युवाओं की आवाज बन चुके हैं।

कौन हैं आशुतोष रांका

  • सौरव दास की तरह ही आशुतोष कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता हैं। हालांकि वह पेशे से एक बेहतरीन कंसलटेंट, पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अगर पढ़ाई की बात करें तो वह कानपुर आईआईटी से बीटेक की डिग्री ले चुके हैं। इसके बाद आगे की एजुकेशन के लिए वह लंदन गए। जहां उन्होंने चर्चित कॉलेज 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स' (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया। 
  • वह चाहते तो उन्हें लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों की जॉब कर सकते थे। हालांकि उन्होंने मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म 'मैकिंज़ी एंड कंपनी' में काम किया है। लेकिन उन्होंने देश के युवाओं की खातिर नौकरी छोड़कर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने लगे। इससे पहले भी वह छात्रों के लिए कई बार आंदोलन कर चुके हैं।