कौन है दीपू दास का हत्यारा यासीन अराफात, बांग्लादेश में 20 दिन के भीतर 6 हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले 20 दिनों में वहां 6 हिंदुओं की बर्बरता से हत्या हो चुकी है। इसी बीच बांग्लादेश पुलिस ने बुधवार को दीपू दास की हत्या के मुख्य आरोपी पूर्व मदरसा टीचर यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया।

सरुलिया से गिरफ्तार हुआ दीपू दास का हत्यारा यासीन
27 साल के दीपू चंद्र दास की हत्या के मुख्य आरोपी यासीन को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की मदद से डेमरा पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में सरुलिया से गिरफ्तार किया गया।
यासीन ने ही दीपू दास की हत्या के लिए भीड़ को उकसाया
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 साल का यासीन आराफात वालुका के साउथ होबिरबारी का रहने वाला है। उसने ही उस भीड़ को उकसाया, जिसने फैक्ट्री गेट पर दीपू पर हमला किया और उसकी लाश को मैमनसिंह जिले के स्क्वायर मास्टरबारी इलाके में घसीटकर ले जाने के बाद पेड़ से बांध आग लगा दी।
दीपू दास की हत्या के बाद मदरसों में छुपता फिर रहा था यासीन
यासीन अराफात शेखाबारी मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था। साथी ही करीब डेढ़ साल से एक मदरसे में पढ़ा रहा था। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद वह 12 दिनों तक ढाका के अलग-अलग मदरसों में छुपता रहा।
दीपू दास के हत्यारे ने पहचान छुपाकर मदरसे में किया काम
इतना ही नहीं, यासिर अराफात ने झूठी पहचान बताकर सुफ्फा मदरसे में पढ़ाने का काम भी हासिल कर लिया था। दीपू दास की हत्या के मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 9 ने कोर्ट के सामने अपना जुर्म कबूल किया है।
उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंदुओं के खिलाफ तेज हुई हिंसा
बता दें कि बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में इस्लामिक भीड़ ने कई हिंदुओं पर हमला किया और उनके घर जला दिए। इसी क्रम में 18 दिसंबर को 27 साल के दीपू दास पर ईशनिंदा का आरोप लगा पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई।
20 दिन में 6 हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में पिछले 20 दिनों में 6 हिंदुओं की निर्मम हत्या हो चुकी है। इनमें 18 दिसंबर को मैमनसिंह में दीपू दास, 24 दिसंबर को राजबाड़ी में अमृत मंडल, 30 दिसंबर को मैमनसिंह में बृजेंद्र बिस्वास, 3 जनवरी को शरीयतपुर में खोकन चंद्र दास, 5 जनवरी को नरसिंदी में शरत चक्रवर्ती मणि और 5 जनवरी को ही जेशोर में राणा प्रताप बैरागी की हत्या कर दी गई।

