Taj Mahal: रात में ताज महल में एक भी लाइट क्यों नहीं जलती? इसके पीछे की वजह बेहद खास है!
ताज महल देखने लाखों लोग आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि रात के वक्त इस खूबसूरत इमारत में एक भी लाइट नहीं जलती? आखिर रात में इसे अंधेरे में क्यों रखा जाता है? आइए जानते हैं।

ताज महल में क्यों नहीं लगाई गई लाइटें
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल को देखने लाखों लोग आते हैं। देश की कई ऐतिहासिक इमारतें रात में लाइटों से जगमगाती हैं, लेकिन ताज महल में अंधेरा रहता है। पूर्णिमा की रात में जब चांद की रोशनी इस सफेद संगमरमर पर पड़ती है, तो यह अपने आप चमक उठता है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बचाने के लिए यहां लाइटें नहीं लगाई गई हैं।

एक और महत्वपूर्ण कारण
इसके पीछे एक बड़ा पर्यावरण से जुड़ा कारण भी है। ताज महल यमुना नदी के किनारे है, जहां बहुत सारे कीड़े-मकोड़े होते हैं। अगर रात में तेज लाइटें जलाई गईं, तो लाखों कीड़े इस सफेद रोशनी की तरफ आएंगे। इन कीड़ों की गंदगी से संगमरमर पर हरे और काले धब्बे पड़ जाएंगे। 1997 में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान लाइटें जलाई गई थीं, जिससे इमारत को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने यहां लाइटें लगाने पर रोक लगा दी।
सुरक्षा के नज़रिए से भी...
सुरक्षा भी इसका एक अहम कारण है। युद्ध के समय दुश्मन देशों के विमानों से ताज महल को बचाने के लिए इसे अंधेरे में रखा जाता था। 1971 के युद्ध के दौरान इसे दुश्मनों की नजर से बचाने के लिए बड़े हरे कपड़ों से ढक दिया गया था। संगमरमर की चमक और इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए आज भी रात में यहां लाइटें नहीं जलाई जाती हैं।
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