अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह और पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों की महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं और सरकार की योजनाओं से मिले लाभ के बारे में बताया।

लखनऊ। “नारी, तुम केवल श्रद्धा हो…” सुप्रसिद्ध कवि जयशंकर प्रसाद की इन प्रेरक पंक्तियों को साकार करता दृश्य रविवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहां राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह और ‘पिंक रोजगार महाकुंभ-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और आत्मीय व्यवहार देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का सकारात्मक संदेश दिया।

प्रदेशभर से आई बेटियों को मिला सम्मान

इस कार्यक्रम में जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर सभी को समान अवसर देने की सरकार की नीति स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आई बेटियों ने अपनी उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान प्राप्त किया। सम्मान पाकर कई बेटियां भावुक और उत्साहित नजर आईं।

कार्यक्रम का एक भावुक क्षण तब सामने आया जब जौनपुर की ‘ड्रोन दीदी’ दुर्गा मौर्य मुख्यमंत्री से संवाद करने के लिए खड़ी हुईं। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आदरपूर्वक कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया और उन्हें बैठाकर ही उनकी पूरी बात सुनी।

‘ड्रोन दीदी’ दुर्गा मौर्य से आत्मीय संवाद

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्गा मौर्य से पूछा कि एक सीजन में उनकी कितनी कमाई हो जाती है। दुर्गा मौर्य ने बताया कि सरकार के सहयोग से एक सीजन में 50 से 60 हजार रुपये तक की आय हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि अब उन्होंने नमकीन बनाने की फैक्ट्री भी शुरू की है।

इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए कहा,

हम तो अब तक जानते थे कि जौनपुर में सिर्फ इमरती प्रसिद्ध है, लेकिन आज आपने बताया कि अब आपकी नमकीन भी मशहूर हो गई है। जब भी मैं जौनपुर आऊंगा तो इमरती के साथ आपकी नमकीन भी जरूर खाऊंगा।

मुख्यमंत्री की इस बात पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी शानवी को मिला सीएम का स्नेह

कार्यक्रम का एक और भावुक पल तब आया जब मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की नन्ही लाभार्थी शानवी गुप्ता को मंच पर दुलार दिया। मुख्यमंत्री ने शानवी को एक सफेद टेडी बियर देते हुए कहा कि यह खास तौर पर उनके लिए लाया गया है। इसके बाद उन्होंने बच्ची को प्यार से अपनी गोद में उठा लिया। यह दृश्य देखते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और लोगों ने कहा कि प्रदेश की बेटियां सुरक्षित हाथों में हैं। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद कई बच्चियों से व्यक्तिगत बातचीत भी की। उन्होंने उनसे पूछा कि इस पैसे का वे क्या करेंगी और पढ़ाई में किस तरह आगे बढ़ेंगी।

सायरा बानो और मेधावी छात्राओं को मिला सम्मान

कार्यक्रम में कक्षा 9 की छात्रा सायरा बानो को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इस दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रदेश को योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री मिले हैं। इसी क्रम में मेधावी छात्रा दुर्गा यादव का भी मुख्यमंत्री ने उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। दुर्गा ने बताया कि उन्होंने बीसीए किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उनकी आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की।

फूलों की खेती करने वाली महिलाओं को दिए आमदनी बढ़ाने के सुझाव

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने चंदौली की सोनी, जो फूलों की खेती करती हैं, उनसे उनकी आय के बारे में पूछा। सोनी ने बताया कि उन्होंने लगभग 17 हजार रुपये की कमाई की है। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि सूखे फूलों से अगरबत्ती और इत्र बनाने का काम शुरू कर आय को और बढ़ाया जा सकता है। सोनी ने बताया कि उन्होंने इसके लिए प्रशिक्षण भी लिया है। इसी दौरान बताया गया कि ड्रोन दीदी की आय प्रतिदिन लगभग 3000 रुपये तक पहुंच रही है।

ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बनीं वाराणसी की सीता देवी

वाराणसी की सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे ई-रिक्शा चलाकर लगभग 20 हजार रुपये प्रति माह की आय अर्जित करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके प्रयासों से करीब 250 महिलाओं ने ई-रिक्शा चलाना सीखा है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए पूछा कि महिला होकर ई-रिक्शा चलाने में उन्हें डर नहीं लगता। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब जब घर में आमदनी आ रही है तो परिवार भी खुश रहता होगा। सीता देवी ने बताया कि अब उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं लगता और परिवार के साथ-साथ पड़ोसी भी उनके काम से खुश हैं।

गाजीपुर की प्रमिला देवी को मिली कई सरकारी योजनाओं का लाभ

गाजीपुर की प्रमिला देवी ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी सम्मानपूर्वक बैठकर बोलने का आग्रह किया। प्रमिला देवी ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना सहित पांच सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि महिला ठान ले तो वह अपने दम पर आत्मनिर्भर बन सकती है।

महिला सुरक्षा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज दो बातें गर्व की अनुभूति कराती हैं। पहली यह कि उत्तर प्रदेश की हर बेटी अब खुद को सुरक्षित महसूस करती है और बिना डर के स्कूल जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई शोहदा किसी बेटी के साथ दुर्व्यवहार करता है तो अगले चौराहे पर उसका हिसाब लेने के लिए कानून तैयार बैठा है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

योगी सरकार महिलाओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी: अनिल राजभर

कार्यक्रम में महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कविता के माध्यम से नारी शक्ति को नमन किया और कहा कि योगी सरकार में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि 2017 से पहले महिला सशक्तीकरण सिर्फ बहस तक सीमित था, लेकिन आज प्रदेश की मातृशक्ति विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया साथ छोड़ दे, लेकिन योगी सरकार महिलाओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नया संदेश

कार्यक्रम के दौरान एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की बेटियां किस तरह अपने सपनों को साकार कर रही हैं। पूरा कार्यक्रम “नारी तुम केवल श्रद्धा हो” के संदेश के साथ गूंजता रहा। यह आयोजन केवल योजनाओं के वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह इस बात का प्रतीक था कि उत्तर प्रदेश में बेटियों के सपनों को अब सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य मिल रहा है।