योगी सरकार की फॉर्च्यून-500 नीति से उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, आरएंडडी सपोर्ट और सब्सिडी से निवेश, रोजगार और निर्यात को नई मजबूती मिल रही है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की फॉर्च्यून-500 नीति अब प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू इस नीति ने बड़े बहुराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया है। यह नीति केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और इनोवेशन आधारित औद्योगिक इकोसिस्टम के विकास पर केंद्रित है।
वैश्विक कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी से बदलेगा औद्योगिक परिदृश्य
फॉर्च्यून-500 नीति के चलते उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। जापान की फूजी सिल्वरटेक और एचएमआई ग्रुप, पोलैंड की कैनपैक, अमेरिका की पाइन वैली, उर्सा क्लस्टर और विज़न सोर्स जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। इससे प्रदेश के औद्योगिक महाशक्ति बनने की दिशा और मजबूत हुई है।
निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और सब्सिडी व्यवस्था
प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही लॉजिस्टिक्स सब्सिडी, पेटेंट फीस प्रतिपूर्ति और आरएंडडी सपोर्ट जैसी सुविधाएं यह स्पष्ट करती हैं कि उत्तर प्रदेश अब फॉर्च्यून-500 कंपनियों के लिए एक स्थिर और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य बन चुका है। मशीनरी आयात पर परिवहन लागत की प्रतिपूर्ति, रिसर्च सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की सुविधाएं निवेशकों के शुरुआती जोखिम को कम कर रही हैं।
हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को मिल रहा बढ़ावा
इस नीति का प्रभाव यह है कि बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपनी यूनिट स्थानांतरित करने या नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रही हैं। पेटेंट और आरएंडडी से जुड़े प्रोत्साहनों के चलते प्रदेश में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर कुशल और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
औद्योगिक क्षमता, निर्यात और राजस्व में होगी तेज़ बढ़ोतरी
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे फॉर्च्यून-500 कंपनियों के प्रोजेक्ट जमीन पर उतरेंगे, उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता कई गुना बढ़ेगी। इससे निर्यात में वृद्धि होगी, प्रदेश का राजस्व मजबूत होगा और उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ेगा। पारंपरिक उद्योगों को भी नई तकनीक अपनाने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
क्षेत्रीय संतुलन और बुंदेलखंड-पूर्वांचल को मिलेगा लाभ
फॉर्च्यून-500 नीति का एक अहम पहलू क्षेत्रीय संतुलन है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में अधिक सब्सिडी और विशेष प्रोत्साहन देकर वहां उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास तेज़ हुआ है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
फॉर्च्यून-500 नीति के मौजूदा लाभ
- प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश में लगातार वृद्धि
- वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी से औद्योगिक साख मजबूत
- हाईटेक और वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
- स्थानीय युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां
- निर्यात और सप्लाई चेन में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका
आने वाले समय में दिखेंगे और बड़े फायदे
- उत्तर प्रदेश वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में उभरेगा
- प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी
- नई तकनीक और आधुनिक स्किल्स का तेजी से प्रसार होगा
- योगी सरकार का उद्योग, रोजगार और विकास मॉडल और सशक्त बनेगा


