योगी सरकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को फरवरी 2026 तक पूरी तरह डिजिटल कर रही है। एनआईसी पोर्टल के जरिए आवेदन से लेकर मुआवजा वितरण तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दिसंबर 2025 तक 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राजस्व परिषद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इस योजना के डिजिटलीकरण की समय-सीमा फरवरी 2026 तय की गई है।
फरवरी 2026 तक योजना होगी पूरी तरह ऑनलाइन
मुख्य सचिव की बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के डिजिटलीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना का संचालन पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगा, जिससे दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को घर बैठे मुआवजा मिल सकेगा। इससे योजना अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
एनआईसी की मदद से विकसित हो रहा आधुनिक वेब पोर्टल
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार योजना के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की सहायता से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पहले आवेदन ऑनलाइन किए जा सकते थे, लेकिन अन्य प्रक्रियाएँ भौतिक सत्यापन के माध्यम से होती थीं, जिससे किसानों को तहसील और जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
बार-बार कार्यालय जाने की समस्या से मिलेगी राहत
योजना के पूरी तरह डिजिटल हो जाने के बाद किसानों को किसी भी स्तर पर कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर भी प्रभावी रोक लगेगी। अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के अपडेट का कार्य जारी है और इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
दिसंबर 2025 तक 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। राजस्व परिषद की मंडलवार रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें लखनऊ मंडल में 3,569, गोरखपुर मंडल में 3,143, अयोध्या मंडल में 2,491 और कानपुर मंडल में 2,436 आवेदन शामिल हैं।
दुर्घटना की स्थिति में मिलता है आर्थिक सुरक्षा कवच
यह योजना प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
राजस्व परिषद की यह डिजिटल पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के विजन को मजबूत करती है। योजना के डिजिटलीकरण से किसान घर बैठे आवेदन कर सकेंगे, आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे और समय पर सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।


