6-7 साल की बच्ची लिपसा अपने मूक-बधिर माता-पिता की आवाज़ बनी है। बेंगलुरु में एक फोटोग्राफर से बातचीत का उसका वीडियो वायरल हो गया है। लोग इस 'कलयुग की श्रवण कुमार' की जिम्मेदारी और समझदारी की प्रशंसा कर रहे हैं।
कहते हैं कि बच्चे बड़े होकर मां-बाप का सहारा बनते हैं। लेकिन आजकल की दुनिया में जहां वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है, वहीं कुछ बच्चे छोटी उम्र में ही इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं कि मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही एक बच्ची की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है, जिसे लोग 'कलयुग की श्रवण कुमार' कह रहे हैं।
मां-बाप के लिए बेटी ही सब कुछ
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे एक फोटोग्राफर ने आदियोगी की मूर्ति के पास शूट किया है। इस वीडियो में एक प्यारा सा परिवार नज़र आ रहा है। परिवार में माता-पिता और उनके दो बच्चे हैं। खास बात यह है कि माता-पिता दोनों ही न तो बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं। ऐसे में उनकी बड़ी बेटी ही उनकी आवाज़ और कान बनी हुई है।
- यह परिवार ओडिशा से बेंगलुरु घूमने आया है। जब वे आदियोगी की मूर्ति देखने पहुंचे, तो एक फोटोग्राफर की नज़र उन पर पड़ी। फोटोग्राफर ने जब माता-पिता से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने इशारों में बताया कि वे बोल और सुन नहीं सकते। उन्होंने अपनी बेटी की तरफ इशारा किया। इसके बाद करीब 6-7 साल की बच्ची लिपसा आगे आई और उसने सारी बातें बताईं। लिपसा ने बताया कि वे ओडिशा से हैं। उसकी मां एक हाउसवाइफ हैं और पापा बैंक में काम करते हैं। लिपसा ने ही फोटोग्राफर के सारे सवालों के जवाब दिए।
नन्ही बच्ची पर लोगों ने लुटाया प्यार
इंटरनेट पर लोग इस बच्ची की समझदारी की खूब तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी छोटी उम्र में ही यह बच्ची अपनी सारी जिम्मेदारियां समझती है। एक यूजर ने लिखा, "बड़ी होकर यह लड़की अपने माता-पिता का नाम ज़रूर रोशन करेगी।" लोग लिपसा के परिवार के लिए दुआएं मांग रहे हैं, जो न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि अपने छोटे भाई का भी ख्याल रख रही है।
यह वीडियो hellosidhu_kannada नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है। पांच दिन पहले पोस्ट किए गए इस वीडियो को अब तक 15 लाख (1।5 मिलियन) से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। फोटोग्राफर ने आखिर में लिपसा, उसके भाई और माता-पिता के साथ कुछ तस्वीरें भी खींचीं।


