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'मेडल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे' कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने वाले इस एथलीट की दिलचस्प है लव स्टोरी

कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealh Games 2022) में एक एथलीट ऐसे भी हैं, जिनके लिए मेडल अब लाइफ में और खुशियां ला सकता है। मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टर विकास ठाकुर (Vikas Thakur) ने अपनी लवस्टोरी का भी खुलासा किया।

Commonwealth Games 2022 weightlifter vikas thakur love story girlfriend family medal mda
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Birmingham, First Published Aug 5, 2022, 12:12 PM IST

Commonwealth Games. मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले वेटलिफ्टर विकास ठाकुर राजस्थान की रहने वाली लड़की से प्यार करते हैं। दोनों की बिरादरी अलग है, इसलिए दोनों परिवार शादी के खिलाफ हैं। लेकिन विकास और उनकी प्रेमिका की जिद है, शादी करेंगे तो परिवालों वालों की रजामंदी से। लेकिन अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाने के बाद विकास को उम्मीद है कि परिवार वालों का दिल पिघल जाएगा और वे शादी करेंगे।

कैसी है लव स्टोरी
रिपोट्स के अनुसार विकास ठाकुर एयरफोर्स में हैं और वे मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। राजस्थान की रहने वाली पेशे से डॉक्टर लड़की से प्यार करते हैं। समस्या यह है कि बिरादरी अलग होने की वजह से परिवार के लोग राजी नहीं हो रहे हैं। विकास व उनकी प्रेमिका ने यह ठाना है कि शादी परिवार की सहमति से ही करेंगे। कॉमनवेल्थ से पहले विकास ने कई प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी लेकिन अब कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडल जीतने के बाद स्थितियां बदल सकती हैं और दोनों की शादी हो सकती है। विकास का कहना है कि वे मेडल लेकर इंडिया लौटेंगे तो फिर से शादी की बात करेंगे।

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शुरू से मेडल था टार्गेट
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में आने से पहले ही विकास ठाकुर ने यह तय कर लिया था कि उन्हें मेडल जीतना है। विकास कहते हैं कि मैंने मेडल जीतने के लिए पूरी जान लगा दी क्योंकि मैं जानता था कि मेरा मेडल देश का नाम रोशन करेगा, साथ ही मेरा जीवन भी खुशियों से भर जाएगा। विकास कहते हैं कि वे मेडल नहीं जीत पाते तो लड़की के घरवालों से अपनी बात नहीं रख पाते लेकिन अब वे फिर से बात करेंगे और उन्हें लगता है कि परिवार मान जाएगा।

मां को दिया जन्मदिन का तोहफा
विकास ठाकुर ने जिस दिन सिल्वर मेडल जीता, उसी दिन उनकी मां का जन्मदिन भी था। इससे परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं। विकास की मां आशा सहित परिवार ने उस ऐतिहासिक क्षण को टीवी पर देखा तो मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई गई। विकास के पिता बृजलाल ठाकुर काफी समय पहले लुधियाना आ गए थे। वे मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। विकास ने 96 किलो की कैटेगरी में 346 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता है।

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