मैच के बाद मैरीकॉम ने कहा कि "मैं उसके साथ हाथ क्यों मिलाऊं। अगर वो चाहती है कि दूसरे उसकी इज्जत करें तो पहले उसे दूसरों की इज्जत करनी होगी। मैं ऐसे स्वभाव के लोगों को पसंद नहीं करती हूं। 

नई दिल्ली: छह बार की विश्व चैम्पियन एम सी मैरीकॉम ने निकहत जरीन को 9-1 से हराकर चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर के लिये भारतीय टीम में जगह बनायी। इस मुकाबले में मैरीकॉम ने बहुत दमदार मुक्के जमाकर स्पष्ट अंक हासिल किये और टीम में जगह सुनिश्चित की लेकिन बाक्सिंग हॉल के अंदर माहौल तनावपूर्ण रहा क्योंकि जरीन ने ट्रायल की सार्वजनिक मांग कर विवाद खड़ा कर दिया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मैच के बाद मैरीकॉम ने कहा कि "मैं उसके साथ हाथ क्यों मिलाऊं। अगर वो चाहती है कि दूसरे उसकी इज्जत करें तो पहले उसे दूसरों की इज्जत करनी होगी। मैं ऐसे स्वभाव के लोगों को पसंद नहीं करती हूं। आपको अपनी बात रिंग के अंदर साबित करनी चाहिए न कि रिंग के बाहर।"

Scroll to load tweet…

निकहत जरीन ने भी कहा " उन्होंने मेरे साथ जैसा व्यवहार किया वह मुझे अच्छा नहीं लगा। जब मैच का नतीजा बताया गया तब मैने उन्हें गले लगाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मना कर दिया। एक जूनियर खिलाड़ी होने के नाते मैं भी उम्मीद करती हूं कि सीनियर खिलाड़ी भी अपने से छोटे खिलाड़ियों की इज्जत करें। "

जब नतीजा घोषित किया गया तो जरीन के घरेलू राज्य तेलंगाना मुक्केबाजी संघ के कुछ प्रतिनिधि इसका विरोध करने लगे। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बीच में आकर हालात नियंत्रित किये। तेलंगाना मुक्केबाजी संघ के प्रतिनिधित्व कर रहे एपी रेड्डी ने इस फैसले का जोरदार विरोध किया। अजय सिंह ने उन्हें रिंग के पास से हटने को कहा और निराश जरीन ने खुद उन्हें शांत किया।